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Chapter 3

🎓 Class 12📖 Bhautiki-II📖 9 नोट्स🧠 9 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~14 मिनट
Chapter 2अध्याय 3 / 6Chapter 4

Chapter 3अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

11.1 भूमिका

व्याख्या

11.1 भूमिका

इस अनुभाग में विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति का परिचय दिया गया है। भौतिकी में, प्रकाश और इलेक्ट्रॉन जैसे कणों की प्रकृति को समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है। पारंपरिक दृष्टिकोण के अनुसार, प्रकाश केवल तरंग के रूप में व्यवहार करता है जबकि द्रव्य केवल कण के रूप में। परंतु आधुनिक भौतिकी ने यह सिद्ध किया है कि प्रकाश और द्रव्य दोनों की द्वैत प्रकृति होती है, अर्थात वे कभी-कभी तरंग की तरह और कभी-कभी कण की तरह व्यवहार करते हैं। इस द्वैत प्रकृति को समझना क्वांटम भौतिकी के विकास के लिए आधारशिला साबित हुआ। इस अध्याय में हम प्रकाश-विद्युत प्रभाव, आइंस्टाइन का क्वांटम सिद्धांत, दे ब्रॉग्ली की तरंग सिद्धांत और उनके प्रयोगात्मक प्रमाणों का अध्ययन करेंगे।

  • विकिरण (जैसे प्रकाश) और द्रव्य (जैसे इलेक्ट्रॉन) की द्वैत प्रकृति का परिचय।
  • पारंपरिक भौतिकी में प्रकाश को केवल तरंग माना जाता था।
  • द्रव्य को केवल कण माना जाता था।
  • आधुनिक भौतिकी ने दोनों की द्वैत प्रकृति को सिद्ध किया।
  • यह अध्याय क्वांटम भौतिकी की नींव रखता है।
  • 📌 विकिरण: ऊर्जा का वह रूप जो तरंग या कण के रूप में स्थानांतरित होता है।
  • 📌 द्रव्य: पदार्थ के कण जो द्रव्यमान रखते हैं।
  • 📌 द्वैत प्रकृति: किसी वस्तु का तरंग और कण दोनों रूपों में व्यवहार करना।

11.2 प्रकाश-विद्युत प्रभाव

व्याख्या

11.2 प्रकाश-विद्युत प्रभाव

प्रकाश-विद्युत प्रभाव वह घटना है जिसमें किसी धातु की सतह पर प्रकाश डालने से इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं। जब प्रकाश की किरणें किसी धातु की सतह पर आपतित होती हैं, तो सतह से इलेक्ट्रॉन बाहर निकलते हैं जिन्हें फोटोइलेक्ट्रॉन कहा जाता है। इस प्रभाव को पहली बार हेनरिक हर्ट्ज ने 1887 में खोजा था, और बाद में आइंस्टाइन ने इसका क्वांटम सिद्धांत प्रस्तुत किया। इस प्रभाव के अध्ययन के लिए एक विशेष प्रायोगिक व्यवस्था का उपयोग किया जाता है जिसमें धातु की सतह पर प्रकाश डाला जाता है और उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की संख्या तथा उनकी ऊर्जा मापी जाती है। यह प्रभाव पारंपरिक तरंग सिद्धांत से समझाया नहीं जा सकता था क्योंकि उस सिद्धांत के अनुसार प्रकाश की ऊर्जा उसकी तीव्रता पर निर्भर होती है, जबकि प्रकाश-विद्युत प्रभाव में यह आवृत्ति पर निर्भर करता है।

  • प्रकाश-विद्युत प्रभाव में धातु की सतह से इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं।
  • उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन को फोटोइलेक्ट्रॉन कहा जाता है।
  • प्रकाश की आवृत्ति और तीव्रता का प्रभाव अलग-अलग होता है।
  • यह प्रभाव पारंपरिक तरंग सिद्धांत से समझाया नहीं जा सकता।
  • प्रायोगिक व्यवस्था में इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा और संख्या मापी जाती है।
  • 📌 प्रकाश-विद्युत प्रभाव: प्रकाश द्वारा धातु से इलेक्ट्रॉन का उत्सर्जन।
  • 📌 फोटोइलेक्ट्रॉन: प्रकाश से उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन।
  • 📌 आवृत्ति: किसी तरंग के एक सेकंड में दोलन की संख्या।

11.3 प्रकाश-विद्युत प्रभाव की विशेषताएँ

व्याख्या

11.3 प्रकाश-विद्युत प्रभाव की विशेषताएँ

प्रकाश-विद्युत प्रभाव की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं: (1) उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन की संख्या प्रकाश की तीव्रता पर निर्भर करती है, न कि उसकी आवृत्ति पर। अर्थात, अधिक तीव्रता से अधिक इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं। (2) इलेक्ट्रॉन का उत्सर्जन तभी होता है

अभ्यास प्रश्नChapter 3

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.दी गई गतिज ऊर्जा के लिए निम्नलिखित में से किसमें सबसे छोटी डी ब्रोगली तरंग दैर्ध्य है?
A.इलेक्ट्रॉन
B.प्रोटॉन
C.ड्यूट्रॉन
D.अल्फा - कण

उत्तर:

अल्फा - कण

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Q2.आइंस्टीन के फोटोइलेक्ट्रिक समीकरण के अनुसार किसी धातु से उत्सर्जित फोटो-इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा की साजिश बनाम घटना विकिरण की आवृत्ति एक सीधी रेखा देती है जिसका ढलान
A.प्रयुक्त धातु की प्रकृति पर निर्भर करता है।
B.विकिरण की तीव्रता पर निर्भर करता है।
C.विकिरण की तीव्रता और प्रयुक्त धातु दोनों पर निर्भर करता है।
D.सभी धातुओं के लिए समान है और विकिरण की तीव्रता से स्वतंत्र है।

उत्तर:

सभी धातुओं के लिए समान है और विकिरण की तीव्रता से स्वतंत्र है।

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Q3.तीन धातुओं A, B और C के कार्य समारोह क्रमशः 4.5 ईवी, 4.3 ईवी और 3.5 ईवी हैं। यदि धातुओं पर तरंग दैर्ध्य 4000 Å का प्रकाश घटना है
A.फोटोइओटॉन ए से उत्सर्जित होते हैं।
B.फोटोइलेक्ट्रॉन B से उत्सर्जित होते हैं।
C.फोटोइलेक्ट्रॉन C से उत्सर्जित होते हैं।
D.सभी धातुओं से फोटोइलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं

उत्तर:

सभी धातुओं से फोटोइलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं

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Q4.एक प्रोटॉन और एक α- कण समान संभावित अंतर से त्वरित होते हैं। उनके डे ब्रोगली वेवलेंग्थ (λp, λα) का अनुपात है
A.1
B.2
C.√8
D.1/ √8

उत्तर:

√8

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Q5.एक इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा 5 eV है। इससे जुड़े डी ब्रोगली वेवलेंथ की गणना करें। (h = 6.6 × 10 -34 Js, m e = 9.1 × 10 -31 kg)
A.5.47 Å
B.10.9 Å
C.2.7 Å
D.इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

2.7 Å

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Q6.तरंग दैर्ध्य 450 एनएम के फोटॉन की ऊर्जा है
A.2.5 × 10 -17 J
B.1.25 × 10 -17 J
C.4.4 × 10 -19 J
D.2.5 × 10 -19 J

उत्तर:

4.4 × 10 -19 J

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Q7.धातु के लिए थ्रेशोल्ड तरंग दैर्ध्य कार्य फ़ंक्शन W0 X है। धातु के लिए थ्रेशोल्ड तरंगदैर्ध्य क्या है जो कार्य फ़ंक्शन 2 W0 है?
A.
B.
C.λ/2
D.λ/4

उत्तर:

λ/2

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Q8.आवृत्ति का प्रकाश 1.9 गुना थ्रेशोल्ड आवृत्ति एक सहज सामग्री पर घटना है। यदि आवृत्ति आधी हो जाती है और तीव्रता दोगुनी हो जाती है, तो फोटोक्रोकल हो जाता है
A.चार गुना होगा
B.दोगुना हो गया
C.आधा कर दिया
D.शून्य

उत्तर:

शून्य

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