Chapter 2
Chapter 2 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
क्या हमारे आस-पास के पदार्थ शुद्ध हैं?
व्याख्याक्या हमारे आस-पास के पदार्थ शुद्ध हैं?
हमारे दैनिक जीवन में हम विभिन्न पदार्थों का उपयोग करते हैं जैसे दूध, घी, मक्खन, नमक, मसाला, मिनरल जल, जूस आदि। अक्सर इन पदार्थों के पैकेट या डिब्बों पर 'शुद्ध' शब्द लिखा होता है। सामान्यत: शुद्ध का अर्थ होता है कि पदार्थ में कोई मिलावट न हो। लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से शुद्ध पदार्थ का अर्थ है ऐसा पदार्थ जिसमें केवल एक ही प्रकार के कण हों, जिनके भौतिक और रासायनिक गुण निश्चित और समान हों। उदाहरण के लिए, शुद्ध पानी (H2O), शुद्ध सोना (Au), शुद्ध लोहा (Fe) आदि। वास्तव में, हमारे आस-पास पाए जाने वाले अधिकांश पदार्थ मिश्रण होते हैं, अर्थात् वे दो या दो से अधिक शुद्ध पदार्थों के मिलन से बने होते हैं। जैसे दूध, जो जल, वसा, प्रोटीन आदि का मिश्रण है। समुद्र का जल, मिट्टी, खनिज आदि भी मिश्रण के उदाहरण हैं। इसलिए, बाजार से खरीदे गए पदार्थ हमेशा शुद्ध नहीं होते, बल्कि वे मिश्रण होते हैं। इस अध्याय में हम जानेंगे कि मिश्रण क्या होते हैं, उनके प्रकार, उन्हें अलग करने की विधियाँ, शुद्ध पदार्थों के प्रकार, भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन आदि। इससे हमें यह समझने में मदद मिलेगी कि हमारे आस-पास के पदार्थ शुद्ध हैं या मिश्रण।
- शुद्ध पदार्थ में केवल एक प्रकार के कण होते हैं।
- मिश्रण दो या अधिक शुद्ध पदार्थों का मिलन होता है।
- दैनिक उपयोग के कई पदार्थ मिश्रण होते हैं, जैसे दूध, नमक, मसाला।
- वैज्ञानिक दृष्टि से शुद्धता का अर्थ होता है समान रासायनिक प्रकृति के कण।
- हमारे आस-पास अधिकांश पदार्थ मिश्रण हैं, न कि शुद्ध।
- 📌 शुद्ध पदार्थ: एक प्रकार के कणों से बना पदार्थ।
- 📌 मिश्रण: दो या अधिक शुद्ध पदार्थों का भौतिक मिलन।
2.1 मिश्रण क्या है?
परिभाषा2.1 मिश्रण क्या है?
मिश्रण वह पदार्थ होता है जो एक या एक से अधिक शुद्ध तत्वों या यौगिकों से मिलकर बनता है। उदाहरण के लिए, जल में घुला हुआ सोडियम क्लोराइड एक मिश्रण है। सोडियम क्लोराइड स्वयं एक शुद्ध पदार्थ है, जिसे भौतिक विधियों से उसके रासायनिक अवयवों में नहीं तोड़ा जा सकता। इसी प्रकार चीनी भी एक शुद्ध पदार्थ है क्योंकि यह एक ही प्रकार के कणों से बनी होती है। मिश्रण में उपस्थित पदार्थों के कण समान नहीं होते और उनके गुण भी अलग-अलग हो सकते हैं। जैसे पेय पदार्थ, मिट्टी आदि। शुद्ध पदार्थों के गुण स्थिर और समान होते हैं, जबकि मिश्रणों के गुण उनके घटकों के अनुपात और प्रकार के अनुसार बदलते रहते हैं। इस प्रकार, मिश्रण में एक से अधिक शुद्ध पदार्थ होते हैं, जो भौतिक रूप से एक साथ मिलते हैं लेकिन रासायनिक रूप से जुड़े नहीं होते।
- मिश्रण में एक या अधिक शुद्ध पदार्थ शामिल होते हैं।
- मिश्रण के घटक भौतिक रूप से जुड़े होते हैं, रासायनिक रूप से नहीं।
- शुद्ध पदार्थों के गुण निश्चित और समान होते हैं।
- मिश्रण के गुण घटकों के अनुसार बदल सकते हैं।
- 📌 मिश्रण: दो या अधिक शुद्ध पदार्थों का भौतिक मिलन।
- 📌 शुद्ध पदार्थ: एक प्रकार के कणों से बना पदार्थ।
2.1.1 मिश्रण के प्रकार
अवधारणा2.1.1 मिश्रण के प्रकार
मिश्रणों को उनके घटकों की प्रकृति और वितरण के आधार पर दो मुख्य प्रकारों में बांटा जाता है: 1. समरूप मिश्रण (होमोजीनियस मिश्रण): ऐसे मिश्रण जिनमें सभी भाग समान होते हैं, अर्थात मिश्रण के प्रत्येक हिस्से में घटकों का अनुपात समान होता है। उदाहरण के लिए
अभ्यास प्रश्न — Chapter 2
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.शरीर के विभिन्न कार्यों को विभिन्न ऊतकों (tissues) में विभाजित किया जाता है, इसे ________ कहा जाता है।
उत्तर:
श्रम (labour) का विभाजन (division)
व्याख्या:
[{"id": "442fdcec-4730-4b2e-b051-ffb07afe9b34", "type": "html", "value": " शरीर के विभिन्न कार्यों को अलग-अलग ऊतकों (tissues)में विभाजित किया जाता है, इसे श्रम (labour) का विभाजन (division) कहा जाता है। "}]
Q2.कौन सी संरचना पौधे के शरीर को परजीवियों (parasites) के आक्रमण से संरक्षण करता है?
उत्तर:
एपिडर्मिस (epidermis)
व्याख्या:
[{"id": "04229dda-f8a0-40ed-87f5-d97a19f2d8ee", "type": "html", "value": " एपिडर्मिस (epidermis) पौधे का सुरक्षात्मक ऊतक (tissue) है। एपिडर्मिस की कोशिकाएँ (cells)पौधे की बाहरी सतह पर मोम जैसी परत निर्मित करती हैं। यह परत पौधों को जल प्रतिरोधी बनाती है और पौधों को परजीवियों (parasites) के आक्रमण से संरक्षण करता है। "}]
Q3.कौन-सी कोशिकाएँ (cells) जंतुओं के शरीर में उपास्थियुक्त (cartilaginous) ऊतक (tissue) बनाती है?
उत्तर:
चोंड्रोसाइट्स (Chondrocytes)
व्याख्या:
[{"id": "cb8b5e0f-2191-498c-b4a3-98491bfb21ed", "type": "html", "value": " उपास्थि (cartilae) में उपस्थित कोशिकाओं (cells)को चोंड्रोसाइट्स (Chondrocytes) कहा जाता है। तो चोंड्रोसाइट्स पशु शरीर के उपास्थियुक्त ऊतक का निर्माण करते हैं "}]
Q4.निम्नलिखित में से कौन जाइलम (xylem) पैरेन्काइमा (parenchyma) की विशेषता नहीं है?
उत्तर:
इनकी कोशिका भित्ति (cell wall) मोटी होती है
व्याख्या:
[{"id": "79b3a549-4380-434f-ab6d-7dec9fc3121e", "type": "html", "value": " जाइलम (xylem) पैरेन्काइमा (parenchyma) जाइलम में उपस्थित एकमात्र जीवित कोशिका (cell) है। वे भोजन और पोषक तत्वों को संग्रहीत करते हैं, इसलिए उनके पास बड़ी रसधानीयाँ (vacuoles) हैं। इनकी कोशिका भित्ति (cell wall) सेल्यूलोज की बनी होती है इसलिए यह पतली होती है। इसलिए जाइलम पैरेन्काइमा में मोटी कोशिका भित्ति नहीं होती है। "}]
Q5.निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है? 1. कई एक्सॉन (axon) संयोजी ऊतक (connective tissues) द्वारा आपस में बंधते हैं और एक तंत्रिका (nerve) बनाते हैं। 2. कई तंत्रिका रेशें (fibres) संयोजी ऊतक के साथ मिलकर एक तंत्रिका का निर्माण करते हैं। 3. कई तंत्रिका रेशें पेशीय (muscular) ऊतक से जुड़कर एक तंत्रिका का निर्माण करते हैं।
उत्तर:
कथन 3
व्याख्या:
[{"id": "0c31d9a5-eeca-48b0-847d-cdb835023a7b", "type": "html", "value": " हम जानते हैं कि कई तंत्रिका (nerve) रेशें (fibres) संयोजी ऊतक (connective tissue) द्वारा आपस में जुड़ते हैं और एक तंत्रिका बनाते हैं। अतः कथन 2 सही है। चूँकि एक्सॉन (axon) को तंत्रिका रेशें भी कहा जाता है, इसलिए कथन 1 भी सही है। अतः कथन 3 सही नहीं है। "}]
Q6.विषम का चुनाव करे।
उत्तर:
न्यूरॉन्स (neurons)
व्याख्या:
[{"id": "03872147-606b-40dc-93cc-7712ca563bb9", "type": "html", "value": " न्यूरॉन्स तंत्रिका (nervous) कोशिकाएं (cells)हैं जो तंत्रिका ऊतक (nervous tissue) में उपस्थित होती हैं। अन्य सभी संयोजी ऊतक (connective tissue) हैं। अतः विकल्प 1 सभी में विषम है। अतः विकल्प 1 सही उत्तर है। "}]
Q7.एक विज्ञान प्रयोग में, सुहाना ने आम के पेड़ के दो पत्ते तोड़े। एक पत्ते पर उसने क्रीम लगाई और दूसरी पत्ती पर उसने कुछ भी नहीं लगाया। अगले दिन, सुहाना ने देखा कि जिस पत्ते पर क्रीम लगाई गई थी, वह उस पत्ते की तुलना में ताजा दिख रहा था जिस पर क्रीम नहीं लगाई गई थी। इसके पीछे का कारण क्या है?
उत्तर:
वाष्पोत्सर्जन (transpiration) की दर कम हो जाती है
व्याख्या:
[{"id": "e0df4ce5-5c56-4726-9bc0-90c7dc5f3e05", "type": "html", "value": " पत्तियों के एपिडर्मिस (epidermis)पर छोटे-छोटे छिद्र होते हैं। इन छिद्रों को स्टोमेटा (stomata) कहते हैं। स्टोमेटा दो वृक्क आकार की कोशिकाओं से घिरे होते हैं जिन्हें रक्षी कोशिकाएँ कहते हैं। रक्षी कोशिकाओं और स्टोमेटा से, पौधे से अतिरिक्त जल वाष्पित हो जाता है। इस प्रक्रिया को वाष्पोत्सर्जन (transpiration) कहते हैं। यहां सुहाना ने दो पत्ते तोड़े हैं, एक पत्ते पर उन्होंने क्रीम लगाई है। क्रीम के कारण पेट के स्टोमेटा बंद हो जाते हैं। स्टोमेटा बंद होने से पत्ती में उपस्थित जल वाष्पित नहीं होता है। इसलिए पत्ता ताजा दिखता है। दूसरी पत्ती पर उसने क्रीम नहीं लगाई है। तो इस पत्ते के स्टोमेटा खुले होते हैं और पत्ती में उपस्थित जल वाष्पित हो जाता है। जिससे इस पत्ते की ताजगी समाप्त हो जाती है। इसलिए हम कह सकते हैं कि जिस पत्ते पर क्रीम लगाई जाती है वह ताजा दिखता है क्योंकि वाष्पोत्सर्जन की दर कम हो जाती है। "}]
Q8.एक व्यक्ति जूट (jute) के रेशे (fibre)का निर्माण करना चाहता है। जूट के निर्माण के लिए कच्चा माल क्या होगा?
उत्तर:
जूट (jute) के पौधे का तना
व्याख्या:
[{"id": "64849a7d-2772-4594-892e-eeda3f9a36c4", "type": "html", "value": " जूट (jute) का रेशा (fibre) कठोर और मजबूत होता है। हम जानते हैं कि पौधे का स्क्लेरेन्काइमा (scelerenchyma) ऊतक (tissue) कठोर और मजबूत होता है। और स्क्लेरेन्काइमा ऊतक की कोशिकाएं (cells)मृत हो जाती हैं। तो जूट का रेशा प्राप्त करने के लिए कच्चा माल वह हिस्सा होना चाहिए जिसमें स्क्लेरेन्काइमा ऊतक हो। तने में उच्च मात्रा में स्क्लेरेन्काइमा ऊतक मौजूद होते हैं। इसलिए जूट निर्माण के लिए कच्चा माल जूट के पौधे का तना होना चाहिए। "}]