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Chapter 2

🎓 Class 10📖 Sanchayan Bhag-2📖 7 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~11 मिनट
Chapter 1अध्याय 2 / 3Chapter 3

Chapter 2अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 7 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

सपनों के-से दिन

व्याख्या

सपनों के-से दिन

यह अध्याय 'सपनों के-से दिन' लेखक के बचपन की स्मृतियों और अनुभवों का वर्णन करता है। लेखक अपने साथ खेलने वाले बच्चों के जीवन की कठिनाइयों और उनकी मासूमियत को विस्तार से प्रस्तुत करता है। वे बच्चे नंगे पाँव, फटे-पुराने कपड़े पहने होते थे, जो खेलते-खेलते चोटिल हो जाते थे, फिर भी वे खेलना नहीं छोड़ते थे। लेखक ने बाल मनोविज्ञान की ट्रेनिंग के दौरान यह समझा कि बच्चों को खेलना क्यों इतना प्रिय होता है कि वे पिटाई के बाद भी खेलने चले आते हैं। लेखक ने अपने मुहल्ले और आसपास के गाँवों से आए बच्चों के जीवन और उनकी भाषा की विविधता का वर्णन किया है। वे बताते हैं कि भले ही भाषा में भिन्नता होती, फिर भी बच्चे आपस में अच्छी तरह संवाद कर लेते थे। स्कूल जाना उन बच्चों के लिए कैद जैसा था, इसलिए वे स्कूल से भागना चाहते थे। लेखक ने बचपन की हरी-भरी घास, फूलों की खुशबू, तालाब में नहाने और खेल-कूद की यादों को बहुत सजीवता से प्रस्तुत किया है। इस खंड में लेखक ने अपने स्कूल के माहौल, अध्यापकों के व्यवहार, और बच्चों के मनोभावों का भी चित्रण किया है। मास्टर प्रीतमचंद की सख्ती और हेडमास्टर शर्मा जी के दयालु स्वभाव के बीच का अंतर बताया गया है। लेखक ने बताया कि कैसे स्कूल में अनुशासन बनाए रखने के लिए कठोर नियम थे, परंतु बच्चों के लिए स्कूल एक सीखने और सामाजिक बनने की जगह भी था। इस प्रकार यह अध्याय बचपन की मासूमियत, खेल-कूद की खुशी, शिक्षा के प्रति बच्चों के मिश्रित अनुभवों और स्कूल जीवन की जटिलताओं को दर्शाता है।

  • लेखक के साथ खेलने वाले बच्चे नंगे पाँव और फटे-पुराने कपड़े पहने होते थे।
  • बच्चों को खेलना इतना प्रिय था कि वे पिटाई के बाद भी खेलने चले आते थे।
  • भाषा में भिन्नता के बावजूद बच्चे आपस में संवाद कर लेते थे।
  • स्कूल जाना बच्चों के लिए कैद जैसा था, इसलिए वे उससे भागना चाहते थे।
  • लेखक ने बचपन की प्राकृतिक सुंदरता और खेल-कूद की यादों को सजीवता से प्रस्तुत किया।
  • स्कूल में अनुशासन के लिए कठोर नियम थे, परंतु बच्चों के लिए यह सीखने की जगह भी थी।
  • 📌 बाल-मनोविज्ञान: बच्चों के मानसिक विकास और व्यवहार का अध्ययन।
  • 📌 कच्छी: एक प्रकार की छोटी पैंट।
  • 📌 टार-तार: फटे हुए, बिखरे हुए।

स्कूल जीवन और भाषा का मेल

व्याख्या

स्कूल जीवन और भाषा का मेल

इस खंड में लेखक ने अपने स्कूल जीवन के शुरुआती दिनों का वर्णन किया है। वे बताते हैं कि उनके आधे से अधिक साथी राजस्थान और हरियाणा से आए थे, जिनकी बोली अलग थी। भाषा की भिन्नता के कारण शुरुआत में संवाद में कठिनाई होती थी, पर खेल के माध्यम से वे सभी एक-दूसरे की बात समझ लेते थे। लेखक ने स्कूल के प्रति बच्चों की मनोदशा का भी उल्लेख किया है। स्कूल जाना बच्चों के लिए कैद जैसा था, इसलिए वे पढ़ाई से बचने के लिए बस्ता तालाब में फेंक देते थे। छुट्टियों में बच्चे खेल-कूद और तालाब में नहाने का आनंद लेते थे। लेखक ने बचपन की उन खुशियों को विस्तार से बताया है, जैसे फूल तोड़ना, तालाब में कूदना, रेत पर लेटना आदि। छुट्टियों के दौरान बच्चों को मास्टरों द्वारा पढ़ाई का काम दिया जाता था, जिसे पूरा करने के लिए वे योजनाएँ बनाते थे। पढ़ाई का डर और मास्टरों की पिटाई का भय भी बच्चों के मन में रहता था। लेखक ने अपने सहपाठी ओमा का उल्लेख किया है, जो बहादुरी और नेतृत्व के लिए प्रसिद्ध था। इस प्रकार यह खंड बच्चों के स्कूल जीवन की जटिलताओं, उनकी भाषा, खेल-कूद और पढ़ाई के बीच के संघर्ष को दर्शाता है।

  • लेखक के साथी राजस्थान और हरियाणा से आए थे, जिनकी बोली अलग थी।
  • भाषा की भिन्नता के बावजूद बच्चे खेल के माध्यम से संवाद कर लेते थे।
  • स्कूल जाना बच्चों के लिए कैद जैसा था, इसलिए वे पढ़ाई से बचने की कोशिश करते थे।
  • छुट्टियों में बच्चे तालाब में नहाते और खेलते थे।
  • मास्टरों द्वारा छुट्टियों में पढ़ाई का काम दिया जाता था, जिसे पूरा करने के लिए बच्चे योजना बनाते थे।
  • ओमा नामक सहपाठी बहादुरी और नेतृत्व के लिए प्रसिद्ध था।
  • 📌 बस्ता: स्कूल बैग।
  • 📌 तालाब: पानी का एक बड़ा जलाशय जहाँ बच्चे नहाते थे।
  • 📌 ओमा: लेखक का बहादुर और नेतृत्व करने वाला सहपाठी।

स्कूल का माहौल और अध्यापक

व्याख्या

स्कूल का माहौल और अध्यापक

इस खंड में लेखक ने अपने स्कूल के माहौल, अध्यापकों के व्यक्तित्व और बच्चों के अनुभवों का विस्तृत चित्रण किया है। स्कूल में कुल नौ कमरे थे जो अंग्रेजी के अक्षर 'एच' की तरह बने थे। हेडमास्टर श्री मदनमोहन शर्मा जी का व्यवहार दयालु था, वे बच्चों को सख्ती

अभ्यास प्रश्नChapter 2

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.प्रश्न 1)' दीवार खड़ी करना ' मुहावरे का अर्थ है-
A.क) ऊंची दीवारें
B.ख) मजबूत दीवार बनाना
C.ग) बाधा उत्पन्न करना
D.घ) चार दिवारी

उत्तर:

ग) बाधा उत्पन्न करना

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Q2.प्रश्न 2) वाक्य में रेखांकित कारक चिन्ह के नाम लिखिए दरिया पर जाओ तो उसे सलाम किया करो|
A.क) संप्रदान कारक
B.ख) संबंध कारक
C.ग) कर्म कारक
D.घ) अधिकरण कारक

उत्तर:

घ) अधिकरण कारक

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Q3.प्रश्न 3) नूह सारी उम्र क्यों रोते रहे?
A.क) उन्होंने एक जख्मी कुत्ते को दुत्कार दिया था
B.ख) उन्हें मां की याद आती थी
C.ग) जिंदगी से उन्हें विरक्ति हो गई थी
D.घ) उनके रिश्तेदार परेशान करते थे

उत्तर:

क) उन्होंने एक जख्मी कुत्ते को दुत्कार दिया था

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Q4.प्रश्न 4) 'छोटे-छोटे डिब्बों जैसे घरों' कथन का क्या आशय है?
A.क) शहर में छोटे-छोटे घर हैं
B.ख) लोग व्यक्तिवादी भावना से अभिभूत हैं
C.ग) लोग बड़ा घर बनाना नहीं चाहते
D.घ) अनावश्यक खर्च से बचना चाहते हैं

उत्तर:

ख) लोग व्यक्तिवादी भावना से अभिभूत हैं

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Q5.प्रश्न 5) लेखक की मां लेखक को क्या उपदेश देतीं हैं?
A.क) सिर्फ अपने माता-पिता से प्रेम करो
B.ख) बच्चे प्रकृति का आदर करें
C.ग) संवेदनशील ना बने
D.घ) भावनाओं की अपेक्षा आवश्यकताओं को महत्व दें

उत्तर:

ख) बच्चे प्रकृति का आदर करें

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Q6.प्रश्न 6) शहरों के विकास से पक्षियों के जीवन पर क्या असर पड़ा?
A.क) शहरी विकास ने उन्हें बेघर कर दिया
B.ख) उनकी प्रजातियां लुप्त हो गईं
C.ग) वह आशियाने की तलाश में भटक रहे हैं
D.घ) उपरोक्त सभी

उत्तर:

घ) उपरोक्त सभी

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Q7.प्रश्न 7) 'महाभारत' में अंत तक युधिष्ठिर का साथ किसने निभाया?
A.क) कबूतर ने
B.ख) चीटियों ने
C.ग) कुत्ते ने
D.घ) पक्षियों ने

उत्तर:

ग) कुत्ते ने

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Q8.प्रश्न 8)' मैं मुसीबत नहीं ,सबके लिए मुहब्बत हूं ' यह वाक्य किसने कहा था ?
A.क) नूह
B.ख) सुलेमान
C.ग) शेख अयाज़
D.घ) चींटियों ने

उत्तर:

ख) सुलेमान

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