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Chapter 2

🎓 Class 12📖 Rasayan vigyan bhag I📖 9 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~14 मिनट
Chapter 1अध्याय 2 / 5Chapter 3

Chapter 2अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

परिचय

व्याख्या

परिचय

वैद्युतरसायन रसायन विज्ञान की वह शाखा है जो विद्युत प्रवाह और रासायनिक अभिक्रियाओं के बीच संबंधों का अध्ययन करती है। यह शाखा विद्युत ऊर्जा के उपयोग से रासायनिक अभिक्रियाओं को समझने, नियंत्रित करने और उनका उपयोग करने पर केंद्रित है। वैद्युतरसायन में मुख्य रूप से इलेक्ट्रोलाइट्स, इलेक्ट्रोड, विद्युत अपघटन, और विद्युत रासायनिक कोशिकाओं का अध्ययन किया जाता है। यह क्षेत्र न केवल रासायनिक अभिक्रियाओं के सिद्धांत को स्पष्ट करता है, बल्कि उद्योगों में धातुओं के शुद्धीकरण, बैटरियों के निर्माण, और धातु निक्षेपण जैसे अनुप्रयोगों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वैद्युतरसायन के अध्ययन से हम यह समझ पाते हैं कि कैसे आयन विद्युत प्रवाह को संचालित करते हैं और किस प्रकार विद्युत ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में या रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जा सकता है।

  • वैद्युतरसायन विद्युत प्रवाह और रासायनिक अभिक्रियाओं के बीच संबंधों का अध्ययन है।
  • यह विद्युत ऊर्जा के उपयोग से रासायनिक अभिक्रियाओं को नियंत्रित करता है।
  • इलेक्ट्रोलाइट्स, इलेक्ट्रोड, और विद्युत रासायनिक कोशिकाएं इसके मुख्य अध्ययन क्षेत्र हैं।
  • धातुओं के शुद्धीकरण और बैटरियों के निर्माण में इसका व्यापक उपयोग होता है।
  • यह रासायनिक ऊर्जा और विद्युत ऊर्जा के रूपांतरण को समझाता है।
  • 📌 वैद्युतरसायन: विद्युत प्रवाह और रासायनिक अभिक्रियाओं के बीच संबंधों का अध्ययन।
  • 📌 इलेक्ट्रोलाइट: वह पदार्थ जो आयनों में विभाजित होकर विद्युत प्रवाहित करता है।

इलेक्ट्रोलाइट्स और उनके प्रकार

व्याख्या

इलेक्ट्रोलाइट्स और उनके प्रकार

इलेक्ट्रोलाइट्स वे पदार्थ होते हैं जो पानी में घुलने पर या पिघलने पर आयनों में विभाजित हो जाते हैं और विद्युत प्रवाहित करते हैं। जब कोई इलेक्ट्रोलाइट जल में घुलता है, तो वह अपने अणुओं को धनात्मक और ऋणात्मक आयनों में विभाजित कर देता है, जो विद्युत धारा को संचालित करते हैं। इलेक्ट्रोलाइट्स को मुख्यतः दो प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है: (1) मजबूत इलेक्ट्रोलाइट्स और (2) कमजोर इलेक्ट्रोलाइट्स। मजबूत इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे NaCl, HCl, NaOH आदि, जल में पूरी तरह आयनों में विभाजित हो जाते हैं और अच्छी विद्युत चालकता प्रदान करते हैं। कमजोर इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे CH3COOH, NH4OH आदि, आंशिक रूप से आयनों में विभाजित होते हैं और कम विद्युत चालकता देते हैं। इलेक्ट्रोलाइट्स की विद्युत चालकता उनके आयनों की संख्या, आवेश, और गति पर निर्भर करती है।

  • इलेक्ट्रोलाइट्स वे पदार्थ हैं जो आयनों में विभाजित होकर विद्युत प्रवाहित करते हैं।
  • मजबूत इलेक्ट्रोलाइट्स पूर्ण रूप से आयनों में विभाजित होते हैं।
  • कमजोर इलेक्ट्रोलाइट्स आंशिक रूप से आयनों में विभाजित होते हैं।
  • इलेक्ट्रोलाइट्स की विद्युत चालकता आयनों की संख्या और गति पर निर्भर करती है।
  • इलेक्ट्रोलाइट्स के उदाहरण: NaCl (मजबूत), CH3COOH (कमजोर)।
  • 📌 मजबूत इलेक्ट्रोलाइट: वह जो पूरी तरह आयनों में विभाजित हो।
  • 📌 कमजोर इलेक्ट्रोलाइट: वह जो आंशिक रूप से आयनों में विभाजित हो।

विद्युत अपघटन (Electrolysis)

व्याख्या

विद्युत अपघटन (Electrolysis)

विद्युत अपघटन वह प्रक्रिया है जिसमें विद्युत धारा के प्रवाह से किसी यौगिक का रासायनिक विघटन होता है। यह प्रक्रिया इलेक्ट्रोलाइटिक सेल में होती है, जिसमें दो इलेक्ट्रोड होते हैं: एनोड (धनात्मक इलेक्ट्रोड) और कैथोड (ऋणात्मक इलेक्ट्रोड)। जब विद्युत धारा

अभ्यास प्रश्नChapter 2

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.2.1 fuEufyf[kr èkkrvq k as dk s ml Øe e as O;ofLFkr dhft, ftle as o s ,d nlw j s dk s muoQs yo.kk as oQs foy;uk as e as l s ifzrLFkkfir djrh gSaA Al, Cu, Fe, Mg ,oa Zn.

उत्तर:

इस प्रश्न में दिए गए धातुओं Al, Cu, Fe, Mg, और Zn के मानक इलेक्ट्रोड संभावनाएँ (Standard Electrode Potentials) ज्ञात कीजिए। ये मानक इलेक्ट्रोड संभावनाएँ धातुओं के आयनों के साथ उनके रेडॉक्स प्रतिक्रियाओं में भाग लेने की प्रवृत्ति को दर्शाती हैं। उदाहरण के लिए, Mg का मानक इलेक्ट्रोड पोटेंशियल –2.37 V है, जो इसे एक अच्छा अभिक्रियाशील धातु बनाता है। इसी प्रकार, Cu का मानक इलेक्ट्रोड पोटेंशियल +0.34 V है, जो इसे कम अभिक्रियाशील बनाता है।

व्याख्या:

प्रत्येक धातु के लिए मानक इलेक्ट्रोड पोटेंशियल को प्रयोगशाला में मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड के सापेक्ष मापा जाता है। ये मानक मानक तापमान (298 K) और 1 M आयन सांद्रता पर होते हैं।

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Q2.2.2 uhps fn, x, ekud bySDVªksM foHkoksa osQ vk/kj ij èkkrqvksa dks mudh c<+rh gqbZ vipk;d {kerk osQ Øe esa O;ofLFkr dhft,A + + K /K = –2.93V, Ag /Ag = 0.80V, 2+ Hg /Hg = 0.79V 2+ 3+ Mg /Mg = –2.37 V, Cr /Cr = – 0.74V

उत्तर:

प्रश्न में दिए गए मानक इलेक्ट्रोड पोटेंशियल के आधार पर, निम्नलिखित धातुओं के मानक इलेक्ट्रोड पोटेंशियल ज्ञात कीजिए: K+/K = –2.93 V, Ag+/Ag = 0.80 V, Hg2+/Hg = 0.79 V, Mg2+/Mg = –2.37 V, Cr3+/Cr = –0.74 V। ये मानक इलेक्ट्रोड पोटेंशियल धातुओं की अभिक्रियाशीलता को दर्शाते हैं।

व्याख्या:

मानक इलेक्ट्रोड पोटेंशियल को प्रयोगशाला में मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड के सापेक्ष मापा जाता है। अधिक नकारात्मक मानक इलेक्ट्रोड पोटेंशियल वाले धातु अधिक अभिक्रियाशील होते हैं।

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Q3.वैद्युतरसायन (Electrochemistry) किस विषय का अध्ययन करता है?
A.A) केवल रासायनिक अभिक्रियाओं का
B.B) केवल विद्युत ऊर्जा के उत्पादन का
C.C) विद्युत और रासायनिक अभिक्रियाओं के बीच संबंध का
D.D) केवल बैटरियों के निर्माण का

उत्तर:

विद्युत और रासायनिक अभिक्रियाओं के बीच संबंध का

व्याख्या:

वैद्युतरसायन वह शाखा है जो विद्युत और रासायनिक अभिक्रियाओं के बीच संबंधों का अध्ययन करती है, जिसमें विद्युत ऊर्जा से रासायनिक अभिक्रियाओं को नियंत्रित करना और रासायनिक अभिक्रियाओं से विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करना शामिल है।

Easy
Q4.डैनियल सेल में जस्ता इलेक्ट्रोड किस प्रक्रिया से गुजरता है?
A.A) अपचयन होकर Zn धातु बनता है
B.B) ऑक्सीकृत होकर Zn²⁺ आयनों में परिवर्तित होता है
C.C) ऑक्सीकृत होकर Cu धातु बनता है
D.D) अपचयन होकर Cu²⁺ आयनों में परिवर्तित होता है

उत्तर:

ऑक्सीकृत होकर Zn²⁺ आयनों में परिवर्तित होता है

व्याख्या:

डैनियल सेल में Zn इलेक्ट्रोड ऑक्सीकृत होकर Zn²⁺ आयनों में परिवर्तित होता है और इलेक्ट्रॉन छोड़ता है, जो Cu इलेक्ट्रोड की ओर प्रवाहित होते हैं।

Medium
Q5.मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड (SHE) का मानक इलेक्ट्रोड पोटेंशियल क्या है?
A.A) +1.0 V
B.B) 0 V
C.C) -0.76 V
D.D) +0.34 V

उत्तर:

0 V

व्याख्या:

मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड को मानक इलेक्ट्रोड पोटेंशियल 0 वोल्ट के रूप में परिभाषित किया जाता है, जो अन्य सभी इलेक्ट्रोड पोटेंशियल की तुलना के लिए आधार होता है।

Easy
Q6.कोशिका पोटेंशियल (Ecell) और गिब्स मुक्त ऊर्जा (ΔG) के बीच संबंध क्या है?
A.A) ΔG = nFEcell
B.B) ΔG = -nFEcell
C.C) ΔG = Ecell / nF
D.D) ΔG = nF / Ecell

उत्तर:

ΔG = -nFEcell

व्याख्या:

गिब्स मुक्त ऊर्जा और कोशिका पोटेंशियल के बीच संबंध ΔG = -nFEcell होता है, जहाँ n इलेक्ट्रॉनों की संख्या, F फैराडे का नियतांक, और Ecell कोशिका पोटेंशियल है।

Medium
Q7.निम्नलिखित में से कौन-सी बैटरी द्वितीयक (Rechargeable) बैटरी है?
A.A) लेक्लांक सेल
B.B) अल्कलाइन सेल
C.C) लेड-एसिड बैटरी
D.D) जस्ता-कार्बन सेल

उत्तर:

लेड-एसिड बैटरी

व्याख्या:

लेड-एसिड बैटरी द्वितीयक बैटरी है जिसे पुनः चार्ज किया जा सकता है। अन्य विकल्प प्राथमिक बैटरियाँ हैं जो एक बार उपयोग के बाद समाप्त हो जाती हैं।

Easy
Q8.विद्युत अपघटन (Electrolysis) में कैथोड का क्या चार्ज होता है?
A.A) धनात्मक
B.B) ऋणात्मक
C.C) तटस्थ
D.D) परिवर्तनीय

उत्तर:

ऋणात्मक

व्याख्या:

विद्युत अपघटन में कैथोड ऋणात्मक इलेक्ट्रोड होता है जहाँ धनात्मक आयन (कैथायन) इलेक्ट्रॉनों को ग्रहण करते हैं।

Easy