Chapter 2
Chapter 2 — अध्ययन नोट्स
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ऋणपत्रों का परिचय
व्याख्याऋणपत्रों का परिचय
ऋणपत्र (Debentures) एक प्रकार के ऋण साधन होते हैं जिनके माध्यम से कंपनियाँ पूंजी जुटाती हैं। जब किसी कंपनी को अपने व्यापार के विस्तार, मशीनरी खरीदने, कच्चे माल की खरीद या अन्य आवश्यकताओं के लिए धन की आवश्यकता होती है, तो वह ऋणपत्र जारी कर पूंजी जुटाती है। ऋणपत्र धारक कंपनी के ऋणदाता होते हैं, न कि मालिक। ऋणपत्र धारकों को निश्चित ब्याज मिलता है और वे कंपनी के लाभ में हिस्सा नहीं लेते। ऋणपत्रों का निर्गम कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय साधन है क्योंकि इससे दीर्घकालीन पूंजी प्राप्त होती है। ऋणपत्रों का निर्गम कंपनी के Articles of Association और Companies Act, 2013 के नियमों के अनुसार होता है।
- ऋणपत्र कंपनियों द्वारा पूंजी जुटाने का माध्यम हैं।
- ऋणपत्र धारक कंपनी के ऋणदाता होते हैं, मालिक नहीं।
- ऋणपत्र पर निश्चित ब्याज मिलता है।
- ऋणपत्रों का निर्गम कंपनी के Articles और Companies Act के अनुसार होता है।
- ऋणपत्रों के माध्यम से दीर्घकालीन पूंजी प्राप्त होती है।
- 📌 ऋणपत्र: कंपनी द्वारा जारी किया गया ऋण साधन।
- 📌 निर्गम: ऋणपत्र जारी करने की प्रक्रिया।
- 📌 ब्याज: ऋणपत्र धारकों को दिया जाने वाला निश्चित लाभ।
ऋणपत्रों के प्रकार
व्याख्याऋणपत्रों के प्रकार
ऋणपत्रों के विभिन्न प्रकार होते हैं, जो उनकी विशेषताओं, निर्गम की शर्तों, सुरक्षा और वापसी के आधार पर वर्गीकृत किए जाते हैं। प्रमुख प्रकार निम्नलिखित हैं: 1. साधारण ऋणपत्र (Ordinary Debentures): ये ऋणपत्र बिना किसी सुरक्षा के जारी किए जाते हैं। धारक को केवल कंपनी की विश्वसनीयता पर भरोसा करना होता है। 2. सुरक्षित ऋणपत्र (Secured Debentures): ये ऋणपत्र कंपनी की संपत्ति या किसी विशेष संपत्ति के बंधक के रूप में जारी होते हैं। यदि कंपनी भुगतान में असमर्थ होती है, तो धारक संपत्ति को बेचकर अपना पैसा वसूल कर सकते हैं। 3. परिवर्तनीय ऋणपत्र (Convertible Debentures): ये ऋणपत्र एक निश्चित अवधि के बाद कंपनी के शेयरों में परिवर्तित किए जा सकते हैं। 4. गैर-परिवर्तनीय ऋणपत्र (Non-Convertible Debentures): ये ऋणपत्र केवल ऋण के रूप में ही रहते हैं और शेयरों में परिवर्तित नहीं होते। 5. प्रत्यायोज्य ऋणपत्र (Redeemable Debentures): ये ऋणपत्र निश्चित अवधि के बाद कंपनी द्वारा वापस खरीदे जाते हैं। 6. अनप्रत्यायोज्य ऋणपत्र (Irredeemable Debentures): ये ऋणपत्र बिना किसी निश्चित अवधि के जारी होते हैं और कंपनी उन्हें वापस नहीं खरीदती।
- साधारण ऋणपत्र बिना सुरक्षा के होते हैं।
- सुरक्षित ऋणपत्र संपत्ति के बंधक होते हैं।
- परिवर्तनीय ऋणपत्र शेयरों में बदले जा सकते हैं।
- गैर-परिवर्तनीय ऋणपत्र केवल ऋण के रूप में रहते हैं।
- प्रत्यायोज्य ऋणपत्र निश्चित अवधि के बाद मोचन होते हैं।
- अनप्रत्यायोज्य ऋणपत्र बिना मोचन अवधि के जारी होते हैं।
- 📌 साधारण ऋणपत्र: बिना सुरक्षा के जारी ऋणपत्र।
- 📌 सुरक्षित ऋणपत्र: संपत्ति के बंधक के साथ जारी ऋणपत्र।
- 📌 परिवर्तनीय ऋणपत्र: शेयरों में बदले जाने वाले ऋणपत्र।
ऋणपत्रों का निर्गम
व्याख्याऋणपत्रों का निर्गम
ऋणपत्रों का निर्गम वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा कंपनी बाजार से पूंजी जुटाने के लिए ऋणपत्र जारी करती है। यह प्रक्रिया Companies Act, 2013 और कंपनी के Articles of Association के नियमों के अनुसार संचालित होती है। निर्गम के दौरान कंपनी को निम्नलिखित चरणो
अभ्यास प्रश्न — Chapter 2
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.12. ,Dl fyfeVsM us 15,000, 10% Í.ki=kksa dks 100 #- izR;sd osQ vuqlkj fuxZfer fd;k] fuEu ekeyksa esa jks”kukepk izfof"V;k¡ ,oa rqyu&i=k cukb,& (i) Í.ki=kksa dk fuxZeu 10% izhfe;e ij gqvkA (ii) Í.ki=kksa dks 5% cV~Vs ij tkjh fd;k x;kA (iii) Í.ki=kk as dk s cdaS oQs 12,00,000 #- ij ikzIr ½.k grs q lia kf'oZ d ifzrHkfwr oQs :i e as fuxfZer fd;kA (iv) 13,50,000 dh e'khujh [kjhn ij foozsQrk dks Í.ki=k tkjh fd, x,A
उत्तर:
समाधान: (i) 15,000 10% ऋणपत्र 100 पर जारी किए गए, इसलिए जारी मूल्य = 15,00,000 (ii) 5% छूट पर जारी किया गया है, अतः प्राप्त राशि = 15,00,000 × 95% = 14,25,000 (iii) ऋणपत्रों का कुल मूल्य 12,00,000 है, जो कि 12% ब्याज पर जारी किए गए हैं। जारी मूल्य पर ब्याज की गणना करें। (iv) 13,50,000 की प्राप्त राशि पर ब्याज का भुगतान करें।
व्याख्या:
प्रत्येक उप-प्रश्न के लिए: (i) जारी मूल्य = संख्या × अंकित मूल्य (ii) छूट की गणना = जारी मूल्य × छूट प्रतिशत (iii) ब्याज की गणना = अंकित मूल्य × ब्याज दर (iv) प्राप्त राशि पर ब्याज भुगतान की योजना बनाएं।
Q2.13. fuEu dh jks”kukepk izfof"V;k¡ nsa& (i) ,d 100 #- osQ Í.ki=k dks 95 #- esa tkjh fd;k x;kA (ii) ,d Í.ki=k dks 95 #- osQ fuxZe fd;k x;k ftldk ekspu 105 #- gqvkA (iii) ,d Í.ki=k 100 #- esa fuxZfer gqvk rFkk 105 #- esa ifj'kksf/r gqvkA mi;qZDr izR;sd ekeys esa Í.ki=k dk vafdr ewY; 100 #- FkkA
उत्तर:
समाधान: (i) 100 रुपये के ऋणपत्र को 95 रुपये में जारी किया गया है, अतः छूट = 5 रुपये प्रति ऋणपत्र। (ii) 95 रुपये पर खरीदे गए ऋणपत्र को 105 रुपये में बेचा गया, लाभ = 10 रुपये प्रति ऋणपत्र। (iii) 100 रुपये के ऋणपत्र को 105 रुपये में भुनाया गया, अतः लाभ = 5 रुपये प्रति ऋणपत्र। इस प्रकार, ऋणपत्र का वास्तविक मूल्य 100 रुपये है।
व्याख्या:
प्रत्येक चरण में जारी मूल्य, खरीद मूल्य, बिक्री मूल्य और लाभ/हानि की गणना करें।
Q3.14. , fyfeVMs u s 1 viySz 2009 dk s 100 #- iRz;ds oQs 50,00,000, 8% Í.ki=k 6 cVV~ s oQs lkFk tkjh fd, tks 4% izhfe;e ij ykWVjh osQ }kjk ekspuh; gSaµ (i) 20,00,000 Í.ki=k ekpZ 2020 esa (ii) 10,00,000 Í.ki=k ekpZ 2021 esa (iii) 20,00,000 Í.ki=k ekpZ 2022 esa vko';d jkstukepk izfof"V;k¡ nsaA ½.ki=kksa osQ fuxZe ij cV~Vk gkfu [kkrk rS;kj djsaA
उत्तर:
समाधान: (i) 2020 में 20,00,000 रुपये के ऋणपत्र पर ब्याज की गणना करें। (ii) 2021 में 10,00,000 रुपये के ऋणपत्र पर ब्याज की गणना करें। (iii) 2022 में 20,00,000 रुपये के ऋणपत्र पर ब्याज की गणना करें। प्रत्येक वर्ष के लिए ब्याज भुगतान और ऋणपत्रों के मूल्यांकन की प्रक्रिया करें।
व्याख्या:
प्रत्येक वर्ष के लिए ब्याज = ऋणपत्र मूल्य × ब्याज दर ऋणपत्रों के मूल्यांकन में छूट या प्रीमियम को ध्यान में रखें।
Q4.15. ,d oaQiuh us fuEukuqlkj Í.ki=k fuxZfer fd,& (i) 100 #- xzkgd izR;sd osQ 10,000, 12% Í.ki=k leewY; ij fuxZfer rFkk 5 o"kZ i'pkr~ 5% izhfe;e ij ekspuh;A (ii) 100 #- izR;sd osQ 10,000, 12% Í.ki=kksa dks 10% cV~Vs osQ lkFk fuxZfer fd, ij 5 o"kZ ckn leewY; ij ekspuh; FksA (iii) 100 #- izR;sd osQ 5,000, 12% Í.ki=kksa dks 5% izhfe;e ij fuxZfer fd;k rFkk 5 o"kZ ckn leewY; ij ekspuh; gSA (iv) 100 #- izR;sd osQ 1,000, 12% Í.ki=k ,d e'khu foozsQrk dks 95,000 #- dh e'khu [kjhn gsrq fuxZe fd, x,A Í.k 5 o"kZ ckn ekspuh; gSA (v) ik¡p o"kZ dh vof/ osQ fy, cSad ls 25,000 #- osQ ½.k gsrq oaQiuh us 100 #- izR;sd osQ 300, 12% Í.ki=k laikf'Zod izfrHkwfr osQ :i esa fuxZfer fd,A (d) Í.k dk fuxZe] ([k) nh xbZ vof/ osQ ckn Í.ki=kksa dk ijh'kks/u gsrq jks”kukepk izfof"V;k¡ nsaA
उत्तर:
समाधान: (i) 10,000 12% ऋणपत्र को 5 वर्ष की अवधि के लिए 5% छूट पर जारी किया गया। जारी मूल्य और ब्याज की गणना करें। (ii) 10,000 12% ऋणपत्रों को 10% प्रीमियम पर 5 वर्ष के बाद बेचा गया। लाभ की गणना करें। (iii) 5,000 12% ऋणपत्रों को 5% छूट पर जारी किया गया और 5 वर्ष बाद बेचा गया। (iv) 1,000 12% ऋणपत्रों को 95,000 रुपये की कुल राशि पर जारी किया गया। 5 वर्ष बाद बेचा गया। (v) 25,000 रुपये के ऋणपत्रों पर 300 रुपये ब्याज प्राप्त हुआ। प्रत्येक स्थिति के लिए जारी मूल्य, ब्याज, लाभ/हानि की गणना करें।
व्याख्या:
प्रत्येक उप-प्रश्न में जारी मूल्य, छूट/प्रीमियम, ब्याज और बिक्री मूल्य की गणना करें। जारी मूल्य = अंकित मूल्य ± छूट/प्रीमियम ब्याज = जारी मूल्य × ब्याज दर × अवधि लाभ/हानि = बिक्री मूल्य - जारी मूल्य
Q5.16. ,d oaQiuh us 1 vizSy 2012 osQ 6% cV~Vs osQ lkFk 5,00,000 #i;s osQ vafdr ewY; osQ Í.ki=k tkjh fd,A ;g Í.ki=k 1,00,000 #- ok£"kd vkgj.kksa ij izfro"kZ 31 ekpZ dks ekspuh; gSA Í.ki=k fuxZe ls laCkaf/r jkstukepk izfof"V;k¡ nsaA
उत्तर:
समाधान: 1 अप्रैल 2012 को 6% कूपन दर वाले 5,00,000 रुपये के ऋणपत्र जारी किए गए। प्रत्येक वर्ष 31 मार्च को ब्याज भुगतान होगा। प्रत्येक वर्ष 31 मार्च को ब्याज की गणना करें और लेखांकन प्रविष्टियाँ तैयार करें।
व्याख्या:
ब्याज = 5,00,000 × 6% = 30,000 प्रति वर्ष लेखांकन प्रविष्टियाँ: (1) ऋणपत्र जारी करते समय नकद प्राप्ति (2) ब्याज भुगतान के समय ब्याज व्यय और नकद भुगतान (3) वर्षांत ब्याज व्यय की समायोजन प्रविष्टि
Q6.17. ,d oaQiuh us 1 viySz 2011 dks 6% cV~Vs ij 1,20,000 vfadr eYw ; oQs 10% Í.ki=k fuxfZer fd,A ½.ki=kksa dk Hkqxrku 40,000 #- osQ ok£"kd vkgj.kksa esa fd;k tkuk gS tks rhljs o"kZ dh lekfIr ij 'kq: gksrk gSA vki Í.ki=kksa osQ cV~Vs dk fuiVku oSQls djsaxsA jkstukepk izfof"V;k¡ nsaA oaQiuh dh [kkrk iqLrdksa esa Í.ki=k cV~Vk [kkrk Í.ki=k dh vof/ osQ nkSjku fn[kk,¡A ;g ekudj pysa fd oaQiuh osQ [kkrs izfro"kZ 31 ekpZ dks can gksrs gSaA
उत्तर:
समाधान: 1 जुलाई 2011 को 6% कूपन दर वाले 1,20,000 रुपये के ऋणपत्र जारी किए गए। 10% पर फ्यूचर रिडेम्प्शन प्रीमियम दिया गया। 40,000 रुपये के ऋणपत्रों को पहले ही वापस किया गया है। प्रत्येक वर्ष 31 मार्च को ब्याज भुगतान और ऋणपत्रों के पुनर्भुगतान की प्रविष्टियाँ तैयार करें।
व्याख्या:
ब्याज = 1,20,000 × 6% = 7,200 प्रति वर्ष प्रीमियम = 1,20,000 × 10% = 12,000 लेखांकन प्रविष्टियाँ: (1) ऋणपत्र जारी करते समय नकद प्राप्ति (2) ब्याज भुगतान (3) ऋणपत्रों के पुनर्भुगतान की प्रविष्टि (4) वर्षांत ब्याज व्यय की समायोजन प्रविष्टि
Q7.18. ch fyfeVMs u s 1 viySz 2011 dk s 4,00,000 #- oQs fy, 94% ij Í.ki=k tkjh fd, tk s 80,000 ifzro"kZ osQ vuqlkj cjkcj fdLrksa esa ekspuh; gSaA oaQiuh vius vafre [kkrs gj o"kZ 31 ekpZ dks rS;kj djrh gSA vko';d jksT+kukepk izfof"V;k¡ nAsa
उत्तर:
समाधान: 1 जुलाई 2011 को 4,00,000 रुपये के ऋणपत्र 94% पर जारी किए गए। 80,000 रुपये के ऋणपत्रों को 31 मार्च को वापस किया गया। प्रत्येक वर्ष 31 मार्च को ब्याज भुगतान और ऋणपत्रों के पुनर्भुगतान की प्रविष्टियाँ तैयार करें।
व्याख्या:
जारी मूल्य = 4,00,000 × 94% = 3,76,000 ब्याज = 4,00,000 × कूपन दर (यदि दिया हो) लेखांकन प्रविष्टियाँ: (1) ऋणपत्र जारी करते समय नकद प्राप्ति (2) ब्याज भुगतान (3) ऋणपत्रों के पुनर्भुगतान की प्रविष्टि (4) वर्षांत ब्याज व्यय की समायोजन प्रविष्टि
Q8.19. ch fyfeVsM us 1 vizSy 2014 dks 5% cV~Vs ij 100 #- izR;sd osQ 1,000, 12% Í.ki=k fuxZfer fd, tks ifjiDork vof/ ij 10% izhfe;e osQ lkFk ekspuh; gSaA Í.ki=k osQ fuxZe ls lacaf/r jks”kukepk izfof"V;k¡ rS;kj djsa rFkk 31 ekpZ 2015 dh lekIr vof/ ls Í.ki=k ij C;kt ;g ekudj ifjdfyr djsa fd v/Zok£"kd (30 flracj o 31 ekpZ dks) C;kt ns; gS rFkk lzksr ij 10% Vh Mh ,l dVkSrh gksrh gSA bu ekeyksa gsrq D;k jks”kukepk izfof"V;k¡ dh tk,¡xh tgk¡ oaQiuh Í.ki=k vof/ iwjh gksus ij lwpuk Hkst dj Í.ki=k eksfpr djrh gS& (d) Í.ki=kksa dks leewY; ij bl 'krZ esa tkjh fd;k fd ekspu izhfe;e oQs lkFk gkxs k_ ([k) tc Í.ki=kk as dk s bl 'kr Z oQs lkFk ihzfe;e oQs lkFk tkjh fd;k x;k fd ekps u leeYw ; ij gksxk_ vkSj (x) tc Í.ki=kksa dks cV~Vs ij tkjh fd;k x;k rFkk izhfe;e osQ lkFk ekspu fd;k x;kA
उत्तर:
समाधान: 1 अप्रैल 2014 को 5% कूपन दर वाले 1,000 12% ऋणपत्र जारी किए गए। 10% प्रीमियम पर जारी किए गए। 31 मार्च 2015 को ब्याज भुगतान किया गया। ऋणपत्रों के मूल्यांकन और ब्याज की गणना करें। (i) जारी मूल्य पर छूट या प्रीमियम की गणना करें। (ii) ब्याज भुगतान की प्रविष्टियाँ तैयार करें।
व्याख्या:
जारी मूल्य = अंकित मूल्य + प्रीमियम ब्याज = जारी मूल्य × कूपन दर लेखांकन प्रविष्टियाँ: (1) ऋणपत्र जारी करते समय नकद प्राप्ति (2) ब्याज भुगतान (3) वर्षांत ब्याज व्यय की समायोजन प्रविष्टि
Lekhashastra Part-II के सभी 5 अध्याय
Accountancy · Class 12