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वह सुबह कभी तो आएगी

🎓 Class 8📖 Durva📖 9 notes🧠 15 Q&A⏱️ ~14 min

वह सुबह कभी तो आएगीStudy Notes

NCERT-aligned · 9 notes · 3 shown free

वह सुबह कभी तो आएगी

Explanation

वह सुबह कभी तो आएगी

यह पाठ भोपाल गैस त्रासदी की पीड़ादायक कहानी को सलमा के दृष्टिकोण से प्रस्तुत करता है। सलमा एक बच्ची है, जो गैस रिसाव के कारण गंभीर रूप से बीमार हो गई है। वह बताती है कि वह बहुत छोटी थी जब गैस रिसी थी, और उसकी माँ उसे जकड़कर जहाँगीराबाद भागी थी। इस त्रासदी ने सलमा के जीवन को पूरी तरह बदल दिया है। उसकी याददाश्त में पहला कदम बीमारी के दौरान ही था। वह अब भी बीमारी से पूरी तरह मुक्त नहीं हो पाई है। उसकी आँखें और गला सूज जाते हैं, चेहरा सूजन के कारण बड़ा रहता है, और गले से खून बहता है। उसकी साँसें फूलने लगती हैं और वह होश खो देती है। पूरे शरीर पर लाल-लाल धब्बे हैं जो पहले सिक्के के आकार के थे, अब छोटे हो गए हैं। दाहिने पैर में छाले हैं, जिससे चलने में दिक्कत होती है। सलमा की कहानी इस त्रासदी की भयावहता और उसके प्रभाव को जीवंत करती है। यह पाठ हमें उस दर्दनाक घटना की याद दिलाता है और पीड़ितों के संघर्ष को समझने का अवसर देता है।

  • सलमा गैस रिसाव के कारण गंभीर रूप से बीमार है।
  • उसकी माँ ने उसे बचाने के लिए जहाँगीराबाद भागी।
  • सलमा के शरीर पर सूजन, खून बहना और छाले हैं।
  • यह त्रासदी सलमा के जीवन को पूरी तरह बदल चुकी है।
  • सलमा की याददाश्त में पहला कदम बीमारी के दौरान था।
  • 📌 गैस रिसाव - जहरीली गैस का अचानक फैलना जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।
  • 📌 सूजन - शरीर के किसी अंग का फूलना।
  • 📌 धब्बे - त्वचा पर लाल या रंगीन दाग।

परिवार की स्थिति और मानसिक प्रभाव

Explanation

परिवार की स्थिति और मानसिक प्रभाव

इस अनुभाग में सलमा अपने परिवार की स्थिति और गैस त्रासदी के कारण हुए मानसिक प्रभावों का वर्णन करती है। सलमा के अब्बू गैस दुर्घटना के कारण मर गए थे जब वह बहुत छोटे थे। उनकी माँ मानसिक रूप से टूट गई थीं और दरवाजे पर बैठकर अब्बू के लौटने का इंतजार करती थीं। वह उनके आने की आहट सुनकर चिल्लाती थीं कि वे आ गए हैं। बच्चों ने उन्हें बताया कि अब्बू मर चुके हैं, लेकिन माँ उन्हें यह बात स्वीकार नहीं करती थीं और बच्चों को मारने की धमकी देती थीं। डॉक्टरों ने बच्चों को माँ को खुश रखने की सलाह दी, लेकिन माँ की हालत देखकर रोना मुश्किल होता था। धीरे-धीरे माँ ने अपने आप को सँभाला, यह एहसास कर कि उन्हें ही परिवार की देखभाल करनी है। अब्बू की दुकान पाँच सौ रुपये में बिक गई, जिससे कुछ समय तक परिवार चला। माँ ने कई जगहों पर जाकर उधार माँगा और दूसरों के लिए काम भी किया। सलमा की बीमारी ने माँ पर आर्थिक और मानसिक दबाव डाला। सलमा की जुड़वाँ बहन स्वस्थ थी, जिससे माँ को और भी तनाव होता था। इस अनुभाग से पता चलता है कि गैस त्रासदी ने परिवार के सदस्यों के जीवन को किस तरह प्रभावित किया और मानसिक स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव डाला।

  • सलमा के अब्बू गैस दुर्घटना में मर गए।
  • माँ मानसिक रूप से टूट गईं और अब्बू के लौटने का इंतजार करती रहीं।
  • डॉक्टरों ने माँ को खुश रखने की सलाह दी।
  • अब्बू की दुकान बिक गई और परिवार आर्थिक तंगी में था।
  • माँ ने उधार माँगा और काम किया ताकि परिवार चल सके।
  • सलमा की बीमारी ने माँ पर अतिरिक्त दबाव डाला।
  • 📌 मानसिक स्वास्थ्य - मन की स्थिति और भावनात्मक स्थिरता।
  • 📌 आर्थिक तंगी - पैसे की कमी की स्थिति।

इलाज और आशा की किरण

Explanation

इलाज और आशा की किरण

इस भाग में सलमा के इलाज की स्थिति और उसकी माँ की संघर्षपूर्ण कोशिशों का वर्णन है। सलमा बहुत बीमार थी और उसे एक प्राइवेट डॉक्टर के पास नर्सिंग होम ले जाया गया। डॉक्टर ने बताया कि सलमा मरने वाली है और इलाज का खर्च बहुत अधिक होगा, जो परिवार के लिए संभव

Practice Questionsवह सुबह कभी तो आएगी

Includes NCERT exercise questions with answers

Q1.1. पाठ से (क) सलमा का पहला कदम बीमारी में ही क्यों बढ़ा था? (ख) सलमा अपनी अम्माँ से क्या कहती थी जिससे उसकी अम्माँ उसे मार देती थी? (ग) सलमा ने ऐसा क्यों कहा कि मैं तो अब जीना चाहती हूँ?

Answer:

(क) सलमा का पहला कदम बीमारी में इसलिए बढ़ा था क्योंकि वह बीमार थी और उसकी हालत ठीक नहीं थी। (ख) सलमा अपनी अम्माँ से कहती थी कि वह अब जीना चाहती है, जिससे उसकी अम्माँ उसे मार देती थी क्योंकि अम्माँ को लगता था कि सलमा की बातों से घर में दुख होता है। (ग) सलमा ने ऐसा कहा क्योंकि वह अपने जीवन को महत्व देने लगी थी और कठिनाइयों के बावजूद जीना चाहती थी।

Explanation:

सलमा की बीमारी और परिवार की स्थिति को देखकर वह अपने जीवन के प्रति आशावादी हो गई थी। उसकी माँ की प्रतिक्रिया उसके परिवार की मानसिक स्थिति को दर्शाती है। सलमा की इच्छा जीवन के प्रति उसकी सकारात्मक सोच को दर्शाती है।

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Q2.2. दुर्घटना “मेरे अब्बू इस दुर्घटना के कारण खत्म हो गए, जब हम बहुत छोटे थे।” ऊपर के वाक्य से पता चलता है कि सलमा के अब्बू किसी गैस दुर्घटना के कारण मर गए थे। दुर्घटना में कुछ लोगों को अपने शरीर के अंगों को गौवाना भी पड़ जाता है। तुम हवा, आग और पानी से होने वाली दुर्घटनाओं की एक सूची बनाओ। तुम इस सूची के आगे यह भी लिखो कि इसमें क्या-क्या नुकसान होता है।

Answer:

हवा से होने वाली दुर्घटनाएँ: - तूफान, बवंडर, हवा से उड़ने वाली वस्तुएं - नुकसान: घरों को नुकसान, चोट लगना, जान-माल का नुकसान आग से होने वाली दुर्घटनाएँ: - आग लगना, विस्फोट - नुकसान: जलना, जान-माल का नुकसान, पर्यावरण प्रदूषण पानी से होने वाली दुर्घटनाएँ: - बाढ़, डूबना, जलप्रलय - नुकसान: जान-माल का नुकसान, फसलें नष्ट होना, घरों को नुकसान इस प्रकार दुर्घटनाओं से शारीरिक चोट, मानसिक आघात, आर्थिक हानि और सामाजिक समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।

Explanation:

दुर्घटनाओं के प्रकार और उनके नुकसान को समझकर हम उनसे बचाव के उपाय भी सोच सकते हैं। यह सूची दुर्घटनाओं की व्यापक समझ देती है।

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Q3.3. देखभाल “हम उनसे कहते कि जब हम बड़े हो जाएँगे तो उनकी देखभाल करेंगे।” इस वाक्य को पढ़ो और बताओ कि— (क) कौन किसकी देखभाल करना चाहता/चाहती है? (ख) वह बड़ा/बड़ी होकर ही देखभाल करना क्यों चाहता/चाहती है? (ग) क्या वह छोटे होने पर देखभाल नहीं कर सकता/सकती है? (घ) अगर वह छोटे होने पर भी देखभाल करेगा/करेगी तो क्या हो सकता है?

Answer:

(क) बच्चे अपने माता-पिता या बुजुर्गों की देखभाल करना चाहते हैं। (ख) वे बड़े होकर इसलिए देखभाल करना चाहते हैं क्योंकि तब वे सक्षम और जिम्मेदार होंगे। (ग) छोटे होने पर वे पूरी तरह से देखभाल नहीं कर सकते क्योंकि उनकी क्षमता सीमित होती है। (घ) यदि वे छोटे होने पर भी देखभाल करेंगे तो बुजुर्गों को जल्दी राहत मिलेगी और बच्चे भी जिम्मेदारी सीखेंगे।

Explanation:

यह प्रश्न देखभाल की भावना और जिम्मेदारी को समझने के लिए है। छोटे बच्चे सीमित मदद कर सकते हैं, परन्तु उनकी कोशिश महत्वपूर्ण होती है।

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Q4.4. निबंध या संस्मरण इस पाठ में भोपाल गैस त्रासदी का वर्णन हुआ है, जिसे इस त्रासदी को सहने वाली सलमा ने ‘वह सुबह कभी तो आएगी’ शीर्षक से लिखा है। अब तुम बताओ कि— (क) तुम इसे निबंध या संस्मरण में से क्या कह सकते हो और क्यों? (ख) अगर इसे कोई कहानी कहे तो क्या होगा? (ग) मान लो कि अगर तुम इसे लिखते तो इसका क्या शीर्षक देते और क्यों? (संकेत—इन प्रश्नों के उत्तर देने के लिए तुम अपने बड़ों की सहायता भी ले सकते हो।)

Answer:

(क) इसे संस्मरण कहा जा सकता है क्योंकि यह लेखक के व्यक्तिगत अनुभवों और भावनाओं का वर्णन है। (ख) यदि इसे कहानी कहा जाए तो यह काल्पनिक लग सकती है और वास्तविकता का भाव कम हो सकता है। (ग) यदि मैं इसे लिखता तो शीर्षक देता 'भोपाल की वह दर्दनाक सुबह' क्योंकि यह त्रासदी और उसके प्रभाव को दर्शाता है।

Explanation:

संस्मरण और निबंध में अंतर समझना आवश्यक है। संस्मरण व्यक्तिगत अनुभवों पर आधारित होता है जबकि निबंध विषय पर सामान्य विचार प्रस्तुत करता है।

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Q5.5. पंक्ति और शीर्षक ‘वह सुबह कभी तो आएगी’—यह इस पाठ का शीर्षक है। साथ ही यह साहिर लुधयानवी के ‘गीत’ की पंक्ति भी है। इस तरह तुम कुछ अन्य गीतों, कविताओं, लेखों, कहानियों और प्रसिद्ध लोगों के विचारों आदि की किसी पंक्ति का चयन कर उसकी सूची बनाओ जिस पर अपने विचारों को लिख सकते हो और वह तुम्हारे लेख के लिए सही शीर्षक हो सकता है।

Answer:

यह प्रश्न विद्यार्थियों को प्रेरित करता है कि वे अपने पसंदीदा गीत, कविता या विचारों की पंक्तियों को चुनें और उन पर अपने विचार लिखें। उदाहरण के लिए— - 'सपने वो नहीं जो हम सोते वक्त देखते हैं' (ए.पी.जे. अब्दुल कलाम) - 'चलो दिलदार चलो' (गीत) - 'जहाँ डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा' (देशभक्ति कविता) इस प्रकार की पंक्तियाँ लेख के लिए उपयुक्त शीर्षक बन सकती हैं।

Explanation:

यह अभ्यास रचनात्मकता और अभिव्यक्ति को बढ़ावा देता है। विद्यार्थी अपनी पसंद के अनुसार विषय चुन सकते हैं।

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Q6.6. भेंट-मुलाकात तुम्हारी भेंट-मुलाकात अक्सर कुछ ऐसे लोगों से भी होती होगी या हो सकती है जिनकी आँखें नहीं होतीं, जो बोल और सुन नहीं सकते। कुछ वैसे भी लोग होंगे या हो सकते हैं जो हाथ-पैर या अपने किसी अन्य अंग से सामान्य मनुष्य की तरह काम नहीं कर सकते। अब तुम बताओ कि— (क) यदि तुम्हें किसी गूँगे व्यक्ति से कुछ समझना हो तो क्या करोगे? (ख) यदि तुम्हें किसी बहरे व्यक्ति को कुछ बताना हो तो क्या करोगे? (ग) यदि तुम्हें किसी अंधे व्यक्ति को कुछ बताना हो तो क्या करोगे? (घ) किसी ऐसे व्यक्ति के साथ खेलने का अवसर मिल जाए जो चल फिर नहीं सकता हो तो क्या करोगे?

Answer:

(क) गूँगे व्यक्ति से समझने के लिए मैं हाथों के इशारों या लिखित भाषा का उपयोग करूँगा। (ख) बहरे व्यक्ति को बताने के लिए मैं लिखित भाषा, इशारों या हाव-भाव का प्रयोग करूँगा। (ग) अंधे व्यक्ति को बताने के लिए मैं स्पष्ट शब्दों में बोलूँगा और उसकी सहायता करूँगा। (घ) ऐसे व्यक्ति के साथ मैं धैर्य और सम्मान से खेलूँगा और उसकी मदद करूँगा।

Explanation:

यह प्रश्न सहानुभूति, समझ और समावेशन की भावना को बढ़ावा देता है। विभिन्न विकलांगताओं वाले लोगों के साथ व्यवहार के सही तरीके बताता है।

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Q7.7. उपाय नीचे कुछ दुर्घटनाओं के बारे में लिखा हुआ है; जैसे— (क) सड़क दुर्घटना — सड़क पर होती है (ख) ट्रेन दुर्घटना — ट्रेन की पटरी पर होती है (ग) हवाई दुर्घटना — धरती या आसमान कहीं भी हो सकती है (घ) नौका दुर्घटना — जल में हो सकती है इनके कारणों में मानवीय भूल, जानबूझकर और प्राकृतिक रूप से संबंधित कोई भी कारण हो सकता है। मान लो कि तुम्हारे आस-पास ऐसी कोई भी दुर्घटना घट जाती है तो तुम क्या-क्या करोगे? (क) क्या तुम स्वयं को बचाओगे? (ख) किसी और को बचाओगे? (ग) किसी अन्य को बचने और बचाने का उपाय बताओगे? (घ) किसी अन्य को उस दुर्घटना के बारे में बताओगे और बुलाओगे? (ड) क्या तुम चुपचाप रह जाओगे? इसमें तुम जो भी करना चाहते हो, उसका कारण भी बताओ।

Answer:

(क) मैं स्वयं को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर बचाऊँगा। (ख) मैं घायल या फंसे हुए लोगों की मदद करूँगा। (ग) मैं दुर्घटना से बचने के लिए सावधानी बरतने और दूसरों को भी सावधान रहने के उपाय बताऊँगा, जैसे हेलमेट पहनना, ट्रैफिक नियमों का पालन करना। (घ) मैं तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दूँगा और मदद के लिए लोगों को बुलाऊँगा। (ड) मैं चुपचाप नहीं रहूँगा क्योंकि इससे नुकसान बढ़ सकता है। मदद करना आवश्यक है। कारण: दुर्घटना में तुरंत सहायता देने से जान-माल की हानि कम हो सकती है।

Explanation:

यह प्रश्न दुर्घटना के समय सही प्रतिक्रिया और जिम्मेदारी को समझने के लिए है। सक्रियता और सावधानी की आवश्यकता बताता है।

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Q8.8. शब्द प्रयोग मेरा गला और आँखें सूज जाती हैं, मेरा चेहरा सूजन की वजह से बड़ा रहता है। ऊपर के वाक्य में सूज और सूजन शब्द का प्रयोग सार्थक ढंग से हुआ है। इसके साथ सूजना शब्द का प्रयोग भी किया जा सकता है। तुम भी अपने ढंग से कुछ ऐसे शब्दों की सूची बनाओ जिनके रूप में थोड़ा-बहुत अंतर हो तभी सार्थक ढंग से उसका प्रयोग किया जा सकता है; जैसे— टूट, टूटना, टूटन आदि।

Answer:

सूज (क्रिया) - शरीर का फूलना या बढ़ना। सूजन (संज्ञा) - सूजने की अवस्था या परिणाम। सूजना (क्रिया) - फूलना। अन्य शब्दों के उदाहरण: - टूट (संज्ञा) - टूटने की स्थिति - टूटना (क्रिया) - टूटने की क्रिया - टूटन (संज्ञा) - टूटने का परिणाम इस प्रकार शब्दों के रूप में थोड़ा-बहुत अंतर होता है जो उनके प्रयोग को सार्थक बनाता है।

Explanation:

यह अभ्यास शब्दों के रूप और अर्थ के बीच के अंतर को समझने के लिए है। इससे भाषा की समझ और शब्द प्रयोग में सुधार होता है।

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