NCERTCh 16Free

Chapter 16

🎓 Class 8📖 Durva📖 11 notes🧠 15 Q&A⏱️ ~17 min

Chapter 16Study Notes

NCERT-aligned · 11 notes · 3 shown free

बूढ़ी अम्मा की बात

Explanation

बूढ़ी अम्मा की बात

यह पाठ एक लोककथा के रूप में प्रस्तुत है, जिसमें एक किसान गोमा मोरी की कहानी है। गोमा मोरी के पास एक गाय, एक जोड़ी बैल, बीस बकरियाँ और एक छोटा-सा घर था। तीन वर्षों से वर्षा कम होने के कारण उसकी फसलें और चारा दोनों खराब हो चुके थे। इस वर्ष भी सूखा पड़ा था और खेत जोतने की कोई उम्मीद नहीं थी। गोमा ने मन ही मन सोचा कि खेत जोतने से क्या फायदा होगा जब वर्षा ही न हो। वह बैलों को लेकर घर लौट गया। अगले दिन उसने फिर हिम्मत करके खेत जोतने का प्रयास किया, लेकिन खेत की कठोरता, बैलों की दुबली दशा और पानी की कमी ने उसे निराश कर दिया। वह खेत की मेंड़ पर बैठकर सोचने लगा कि क्या करे। तभी एक बूढ़ी अम्मा आईं और गोमा से बात करने लगीं। उन्होंने कहा कि वर्षा प्रकृति का काम है, हमें अपना काम समय पर करना चाहिए। पेड़ों की कटाई के कारण वर्षा कम हो रही है, इसलिए पेड़ों की रक्षा करनी चाहिए। बूढ़ी अम्मा की बातों से गोमा को प्रेरणा मिली और उसने फिर से खेत जोतना शुरू किया। कुछ दिनों बाद बादल घुमड़ आए और वर्षा हुई। यह कहानी हमें यह सिखाती है कि कठिन परिस्थिति में भी धैर्य और मेहनत से काम करना चाहिए और प्रकृति के नियमों का सम्मान करना चाहिए।

  • गोमा मोरी एक किसान था जिसके पास गाय, बैल और बकरियाँ थीं।
  • तीन साल से कम वर्षा के कारण फसलें और चारा खराब हो गए थे।
  • गोमा ने खेत जोतने की हिम्मत खो दी थी लेकिन बूढ़ी अम्मा की बातों से प्रेरणा मिली।
  • बूढ़ी अम्मा ने कहा कि वर्षा प्रकृति का काम है और पेड़ों की कटाई से वर्षा प्रभावित होती है।
  • गोमा ने फिर मेहनत करके खेत जोते और अंततः वर्षा हुई।
  • कहानी में धैर्य, मेहनत और प्रकृति के सम्मान का संदेश है।
  • 📌 लोककथा: ऐसी कहानी जो पीढ़ी दर पीढ़ी सुनाई जाती है।
  • 📌 वर्षा: आकाश से गिरने वाली जल की बूंदें।
  • 📌 हल जोतना: खेत की मिट्टी को पलटना और उसे खेती के लिए तैयार करना।

गोमा की निराशा और बूढ़ी अम्मा की सलाह

Explanation

गोमा की निराशा और बूढ़ी अम्मा की सलाह

इस खंड में गोमा की निराशा और उसकी परिस्थिति का वर्णन है। सूखे और कठोर खेतों के कारण गोमा का मन डाँवाडोल हो गया था। बैलों की दुबली दशा और पानी की कमी ने उसकी हिम्मत तोड़ दी थी। वह खेत जोतने से पहले ही हार मानने लगा था। इसी समय एक बूढ़ी अम्मा उसके पास आईं और उससे बात की। उन्होंने बताया कि वर्षा का होना प्रकृति पर निर्भर है, लेकिन किसान का काम समय पर खेत जोतना और तैयारी करना है। उन्होंने पेड़ों की कटाई को वर्षा न होने का एक बड़ा कारण बताया और कहा कि पेड़ों की रक्षा करना आवश्यक है। बूढ़ी अम्मा की यह बात गोमा के लिए एक प्रेरणा बन गई। उन्होंने कहा कि निराशा से काम नहीं चलेगा, मेहनत करनी होगी। यह संवाद हमें यह समझाता है कि कठिनाइयों के समय भी उम्मीद और मेहनत से काम लेना चाहिए।

  • गोमा की बैलों की दुबली दशा और खेत की कठोरता ने उसे निराश कर दिया था।
  • बूढ़ी अम्मा ने कहा कि वर्षा प्रकृति का काम है, किसान को अपना काम करना चाहिए।
  • पेड़ों की कटाई से वर्षा प्रभावित होती है, इसलिए पेड़ों की सुरक्षा जरूरी है।
  • निराशा छोड़कर मेहनत जारी रखना सफलता की कुंजी है।
  • गोमा ने बूढ़ी अम्मा की बातों से प्रेरणा लेकर फिर से खेत जोतना शुरू किया।
  • 📌 डाँवाडोल: अस्थिर मनोस्थिति, करने-न करने की स्थिति।
  • 📌 प्रकृति: प्राकृतिक वातावरण और उसके नियम।
  • 📌 निराशा: उम्मीद खो जाना।

गोमा की मेहनत और वर्षा का आगमन

Explanation

गोमा की मेहनत और वर्षा का आगमन

इस भाग में गोमा की मेहनत और अंततः वर्षा के आगमन का वर्णन है। बूढ़ी अम्मा की बातों से प्रेरित होकर गोमा ने निराशा को त्याग दिया और खेत जोतने में जुट गया। उसने लगातार चार दिन तक मेहनत की और खेत को अच्छी तरह तैयार किया। मेहनत के बाद वह प्रसन्न था और उसे

Practice QuestionsChapter 16

Includes NCERT exercise questions with answers

Q1.1. पाठ से (क) लोककथा में गोमा बिना खेत जोते अपने बैलों को हाँककर घर की ओर क्यों चल पड़ा? (ख) गोमा को पेड़ के नीचे बैठा देखकर बूढ़ी अम्मा ने उससे क्या कहा? (ग) गोमा ने अपने खेतों को क्यों जोता?

Answer:

उत्तर: (क) गोमा बिना खेत जोते अपने बैलों को हाँककर घर की ओर इसलिए चल पड़ा क्योंकि वह निराश था और उसे लगा कि खेत में काम करने से कोई फायदा नहीं होगा। (ख) बूढ़ी अम्मा ने गोमा को कहा कि वह निराशा न करे, पेड़ों की कटाई से वर्षा नहीं हो रही है, लेकिन अब पेड़ों पर ध्यान देना चाहिए और खेत जोतने का काम करना चाहिए क्योंकि कभी न कभी वर्षा अवश्य होगी। (ग) गोमा ने अपने खेतों को इसलिए जोता ताकि वह खेतों को बोने के लिए तैयार कर सके और वर्षा होने पर फसल उग सके।

Explanation:

पाठ में बताया गया है कि गोमा निराश था, लेकिन बूढ़ी अम्मा ने उसे हिम्मत दी और खेत जोतने को कहा। इसलिए उसने खेत जोते।

EasyNCERT
Q2.2. क्या होता अगर (क) गोमा खेतों को तैयार न करता? (ख) गोमा को बूढ़ी अम्मा नहीं मिलती? (ग) बूढ़ी अम्मा की बात पर गोमा ध्यान न देता? (घ) इस साल भी वर्षा न होती?

Answer:

उत्तर: (क) अगर गोमा खेतों को तैयार न करता तो फसल बोने के लिए जमीन तैयार नहीं होती और वर्षा होने पर भी फसल नहीं उग पाती। (ख) अगर गोमा को बूढ़ी अम्मा नहीं मिलती तो वह निराशा में डूबा रहता और खेत जोतने का काम नहीं करता। (ग) अगर बूढ़ी अम्मा की बात पर गोमा ध्यान न देता तो वह मेहनत नहीं करता और फसल उगाने की उम्मीद खो देता। (घ) अगर इस साल भी वर्षा न होती तो खेत सूखे रहते, फसल नहीं होती और गाँव में भूखमरी और कष्ट बढ़ जाते।

Explanation:

पाठ में निराशा और आशा के बीच संघर्ष दिखाया गया है। बूढ़ी अम्मा की बातों से गोमा को प्रेरणा मिली। वर्षा न होने पर जीवन कठिन हो जाता।

MediumNCERT
Q3.3. वर्षा कैसे हो! (क) बूढ़ी अम्मा ने वर्षा न होने का क्या कारण बताया था? (ख) क्या तुम बूढ़ी अम्मा की बात से सहमत होते? अपने उत्तर का कारण भी बताओ।

Answer:

उत्तर: (क) बूढ़ी अम्मा ने बताया कि वर्षा न होने का कारण पेड़ों की कटाई है। जब पेड़ नहीं होंगे तो हरियाली नहीं होगी और वर्षा भी नहीं होगी। (ख) हाँ, मैं बूढ़ी अम्मा की बात से सहमत हूँ क्योंकि पेड़ वातावरण को ठंडा रखते हैं और वर्षा में मदद करते हैं। पेड़ों की कटाई से जलवायु प्रभावित होती है जिससे वर्षा कम हो जाती है।

Explanation:

पाठ में पेड़ों और वर्षा के बीच संबंध स्पष्ट किया गया है। पेड़ कटने से वर्षा प्रभावित होती है।

MediumNCERT
Q4.4. गाँव और पशु (क) “इस वर्ष भी आषाढ़ सूखा ही रहा।” लोककथा से जाहिर होता है कि गोमा के गाँव में तीन साल से वर्षा नहीं हुई थी। वर्षा न होने के कारण उनके गाँव के बैलों, खेतों और पेड़ों में क्या बदलाव आए होंगे? (ख) “सवेरे-सवेरे अपने पशुओं की ये आवाज़ें सुनने के लिए उसके कान तरस गए थे।” गोमा ने बहुत समय बाद अपने पशुओं की वे आवाज़ें सुनी थीं। क्यों?

Answer:

उत्तर: (क) वर्षा न होने से बैल दुबले-पतले हो गए होंगे, खेत सूखे और कठोर हो गए होंगे, पेड़ सूख गए होंगे और पत्तियाँ खत्म हो गई होंगी। इससे गाँव का जीवन कठिन हो गया होगा। (ख) गोमा ने बहुत समय बाद अपने पशुओं की आवाज़ें सुनी क्योंकि वर्षा न होने के कारण पशु कमजोर और उदास थे, शायद वे ठीक से नहीं रंभा या मिमिया पा रहे थे। वर्षा के बाद उनकी आवाज़ें फिर से सुनाई दीं।

Explanation:

पाठ में वर्षा न होने के प्रभावों का वर्णन है जो पशुओं और खेतों पर पड़ा। वर्षा से जीवन में सुधार हुआ।

MediumNCERT
Q5.5. सोचने की बात बूढ़ी अम्मा ने कहा, “वर्षा अवश्य होगी।” (क) तुम्हारे विचार से बूढ़ी अम्मा ने गोमा से यह बात क्यों कही? (ख) क्या उन्हें मालूम था कि इस साल वर्षा होगी? या उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर केवल अंदाजा लगाया था? (ग) वर्षा और पेड़ों के संबंधों के बारे में सोचो। पाँच-पाँच बच्चों के समूह बनाकर इस बारे में बातचीत करो। फिर सबको अपने समूह के विचार बताओ।

Answer:

उत्तर: (क) बूढ़ी अम्मा ने गोमा को हिम्मत देने के लिए कहा कि वर्षा अवश्य होगी ताकि वह निराश न हो और मेहनत करता रहे। (ख) उन्हें निश्चित रूप से मालूम नहीं था कि वर्षा होगी, पर अपने अनुभव और प्रकृति के चक्र को देखकर उन्होंने आशा जताई। (ग) पेड़ वर्षा लाने में मदद करते हैं क्योंकि वे वातावरण में नमी बनाए रखते हैं और वर्षा चक्र को प्रभावित करते हैं। पेड़ों की कटाई से वर्षा कम हो जाती है।

Explanation:

यह प्रश्न सोचने और चर्चा के लिए है। बूढ़ी अम्मा का अनुभव और आशा का महत्व बताया गया है।

MediumNCERT
Q6.6. कैसा था गोमा सही शब्दों पर गोला लगाओ— कामचोर, आलसी, मेहनती, भोला-भाला, मूर्ख, समझदार, गरीब, अमीर, कमजोर, लगन का पक्का अब अपने उत्तर का कारण नीचे लिखो मेरे विचार से गोमा ... व्यक्ति था क्योंकि...

Answer:

उत्तर: गोमा मेहनती, भोला-भाला, समझदार, गरीब, लगन का पक्का व्यक्ति था क्योंकि उसने निराशा के बावजूद मेहनत करना नहीं छोड़ा और बूढ़ी अम्मा की बातों से प्रेरणा लेकर खेत जोता।

Explanation:

पाठ में गोमा की मेहनत और लगन को दर्शाया गया है। वह निराशा में भी काम करता रहा।

EasyNCERT
Q7.7. डाँवाडोल “कई बार उसका मन डाँवाडोल भी हुआ।” गोमा खेतों में काम करने जा रहा था। कई बार उसने घर लौट जाने की बात भी सोची। तुम्हारा मन भी जरूर कभी डाँवाडोल होता होगा? ऐसा कब-कब होता है? अपने ढंग से सोचकर इस सूची को पूरा करो। (क) जब खूब नींद आ रही हो और दोस्त खेलने को बुलाने लगे। (ख) ... (ग) ... (घ) ... (ङ) ...

Answer:

उत्तर: डाँवाडोल का मतलब मन का अस्थिर होना या करने न करने की स्थिति है। मेरा मन भी तब डाँवाडोल होता है जब: (क) जब खूब नींद आ रही हो और दोस्त खेलने को बुलाने लगे। (ख) जब पढ़ाई करनी हो लेकिन टीवी देखने का मन करे। (ग) जब काम करना हो लेकिन आराम करना पसंद हो। (घ) जब कोई कठिन काम सामने हो और मैं डर जाऊं। (ङ) जब मैं थका हुआ हूं लेकिन काम पूरा करना जरूरी हो।

Explanation:

यह प्रश्न अनुभव आधारित है। डाँवाडोल की स्थिति को समझकर अपने अनुभव लिखने हैं।

EasyNCERT
Q8.8. खेती इस लोककथा में खेती से संबंधित अनेक शब्द आए हैं। उनकी सूची बनाओ। फिर उन्हें वर्णमाला के क्रम से लिखो।

Answer:

उत्तर: खेती से संबंधित शब्दों की सूची (उदाहरण): हल, हल जोतना, चारा, खेत, मैंड, निहारना, पत्तियाँ, पेड़, पशु, वर्षा, हाँकना वर्णमाला के अनुसार: हल, हल जोतना, चारा, खेत, मैंड, निहारना, पत्तियाँ, पेड़, पशु, वर्षा, हाँकना

Explanation:

पाठ में खेती से जुड़े शब्दों को पहचानकर सूची बनानी है और फिर वर्णमाला अनुसार क्रमबद्ध करना है।

EasyNCERT