Chapter 14
Chapter 14 — अध्ययन नोट्स
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हमारे आस-पास की आर्थिक गतिविधियाँ
व्याख्याहमारे आस-पास की आर्थिक गतिविधियाँ
इस अध्याय की शुरुआत में आर्थिक गतिविधियों की महत्ता पर जोर दिया गया है। आर्थिक गतिविधियाँ वे क्रियाएँ हैं जिनमें मौद्रिक मूल्य का अर्जन होता है, अर्थात् जिनसे धन की प्राप्ति होती है। कौटिल्य के अर्थशास्त्र से उद्धृत वाक्यांश में बताया गया है कि आर्थिक गतिविधि से ही समृद्धि आती है, और इसका अभाव भौतिक तनाव उत्पन्न करता है। आर्थिक गतिविधियाँ न केवल वर्तमान समृद्धि के लिए आवश्यक हैं, बल्कि भविष्य की प्रगति के लिए भी आधार प्रदान करती हैं। इस अध्याय में हम जानेंगे कि आर्थिक गतिविधियों को किस प्रकार वर्गीकृत किया जाता है, उनके क्षेत्रक क्या होते हैं, और ये एक-दूसरे से किस प्रकार जुड़े हुए हैं। आर्थिक गतिविधियाँ समाज के आर्थिक जीवन की रीढ़ होती हैं, जिनके माध्यम से लोग अपनी आजीविका चलाते हैं। आज के समय में आर्थिक गतिविधियाँ केवल कृषि या हस्तशिल्प तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कंप्यूटर, मोबाइल फोन, बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन आदि अनेक क्षेत्रों में फैली हुई हैं। इन गतिविधियों को समझने से हमें यह जानने में मदद मिलती है कि समाज की आर्थिक व्यवस्था कैसे कार्य करती है और विभिन्न क्षेत्रक किस प्रकार एक-दूसरे पर निर्भर हैं।
- आर्थिक गतिविधियाँ वे क्रियाएँ हैं जिनसे मौद्रिक मूल्य प्राप्त होता है।
- कौटिल्य के अनुसार आर्थिक गतिविधि से ही समृद्धि आती है।
- आर्थिक गतिविधियाँ वर्तमान और भविष्य की समृद्धि के लिए आवश्यक हैं।
- आर्थिक गतिविधियों को समझने से समाज की आर्थिक व्यवस्था की समझ बढ़ती है।
- आर्थिक गतिविधियाँ कृषि, उद्योग, सेवा आदि अनेक क्षेत्रों में फैली हैं।
- 📌 आर्थिक गतिविधियाँ: वे क्रियाएँ जिनमें मौद्रिक मूल्य का अर्जन होता है।
- 📌 मौद्रिक मूल्य: किसी वस्तु का वह मूल्य जिसे मुद्रा में मापा जा सकता है।
- 📌 समृद्धि: आर्थिक और भौतिक उन्नति।
आर्थिक क्षेत्रकों में आर्थिक गतिविधियों का वर्गीकरण
व्याख्याआर्थिक क्षेत्रकों में आर्थिक गतिविधियों का वर्गीकरण
आर्थिक गतिविधियों को उनके स्वरूप और प्रकृति के आधार पर तीन मुख्य क्षेत्रकों में वर्गीकृत किया जाता है: प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक। प्रत्येक क्षेत्रक की अपनी विशेषताएँ और कार्य होते हैं। (क) प्राथमिक गतिविधियाँ: ये वे गतिविधियाँ हैं जिनमें लोग सीधे प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर होकर कच्चे माल का उत्पादन करते हैं। इसमें कृषि, मत्स्य पालन, वानिकी, खनन, पशुपालन आदि शामिल हैं। ये गतिविधियाँ प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर आर्थिक समृद्धि में योगदान देती हैं। (ख) द्वितीयक गतिविधियाँ: इन गतिविधियों में प्राथमिक क्षेत्रक से प्राप्त कच्चे माल को उद्योगों और कारखानों में परिवर्तित करके उपयोगी वस्तुओं का उत्पादन किया जाता है। इसमें निर्माण कार्य, विनिर्माण, उत्पादन इकाइयाँ आदि शामिल हैं। उदाहरण के लिए, कृषि से प्राप्त अनाज को आटा बनाना, लकड़ी से फर्नीचर बनाना, लौह अयस्क से इस्पात बनाना आदि। (ग) तृतीयक गतिविधियाँ: ये सेवाएँ हैं जो प्राथमिक और द्वितीयक क्षेत्रक की गतिविधियों में लगे लोगों को सहायता प्रदान करती हैं। ये सेवाएँ प्रत्यक्ष रूप से वस्तु उत्पादन में शामिल नहीं होतीं, लेकिन आर्थिक जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इनमें परिवहन, संचार, बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, खुदरा व्यापार आदि शामिल हैं। इस वर्गीकरण से हमें यह समझने में मदद मिलती है कि आर्थिक गतिविधियाँ किस प्रकार एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं और कैसे वे मिलकर समाज की आर्थिक समृद्धि को बढ़ाती हैं।
- आर्थिक गतिविधियाँ तीन क्षेत्रकों में वर्गीकृत होती हैं: प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक।
- प्राथमिक क्षेत्रक में प्राकृतिक संसाधनों से कच्चा माल प्राप्त होता है।
- द्वितीयक क्षेत्रक में कच्चे माल का उद्योगों में रूपांतरण होता है।
- तृतीयक क्षेत्रक में सेवाएँ प्रदान की जाती हैं जो उत्पादन को सहायता देती हैं।
- तीनों क्षेत्रक एक-दूसरे पर निर्भर और संबंधित हैं।
- 📌 आर्थिक क्षेत्रक: आर्थिक गतिविधियों के व्यापक समूह।
- 📌 प्राथमिक क्षेत्रक: प्राकृतिक संसाधनों से कच्चे माल का निष्कर्षण।
- 📌 द्वितीयक क्षेत्रक: कच्चे माल का उत्पादों में रूपांतरण।
(क) प्राथमिक गतिविधियाँ
व्याख्या(क) प्राथमिक गतिविधियाँ
प्राथमिक गतिविधियाँ वे आर्थिक क्रियाएँ हैं जिनमें लोग प्रत्यक्ष रूप से प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर होकर कच्चे माल का उत्पादन करते हैं। ये गतिविधियाँ प्राकृतिक संसाधनों से सीधे जुड़ी होती हैं और इनमें कृषि, मत्स्य पालन, वानिकी, खनन, पशुपालन आदि शामिल
अभ्यास प्रश्न — Chapter 14
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.जिन परिवर्तनों को उत्क्रमित नहीं किया जा सकता उन्हें _________ कहा जाता है।
उत्तर:
अनुत्क्रमणीय परिवर्तन
व्याख्या:
[{"id": "ac40fb71-9471-4d55-88c1-95e0dd575b0a", "type": "html", "value": " जिन परिवर्तनों को उत्क्रमित नहीं किया जा सकता उन्हें अनुत्क्रमणीय परिवर्तन कहा जाता है। "}]
Q2.निम्नलिखित में से कौन सा परिवर्तन उत्क्रमित नहीं किया जा सकता है?
उत्तर:
जलती हुई मोमबत्ती का पिघलना
व्याख्या:
[{"id": "3cc1c73e-6e3b-4b4b-90fb-e13e406985b7", "type": "html", "value": " जलती हुई मोमबत्ती का पिघलना उत्क्रमित नहीं हो सकता। बर्फ के पिघलने को जमने से उलटा किया जा सकता है। पिघले हुए मोम को ठंडा करते ही मोम बनता है। तो, यह उत्क्रमित किए जाने वाले परिवर्तन है। पिघला हुआ घी ठंडा करके उत्क्रमित किया जा सकता है। "}]
Q3.निम्नलिखित में से कौन सा परिवर्तन उत्क्रमित किया जा सकता है?
उत्तर:
वजन में वृद्धि
व्याख्या:
[{"id": "af64230f-b6b2-44b5-a7a8-a45a30d7097a", "type": "html", "value": " वजन में वृद्धि को उत्क्रमित किया जा सकता है। ऊँचाई में वृद्धि, फूल का खिलना, मोमबत्ती का जलना उत्क्रमित नहीं किया जा सकता है। "}]
Q4.धातु का एक टुकड़ा गरम किया जाता है। दी गई स्थिति के लिए गलत कथन का चयन करें।
उत्तर:
धातु का टुकड़ा अपने आकार को स्थायी रूप से बदलता है और इसे उत्क्रमित नहीं किया जा सकता है
व्याख्या:
[{"id": "9fb2c579-8d75-4278-a3be-1e804b991211", "type": "html", "value": " गलत कथन है - धातु का टुकड़ा अपने आकार को स्थायी रूप से बदलता है और इसे उत्क्रमित नहीं किया जा सकता है। धातु का टुकड़ा गर्म करने पर फैलता है और ठंडा होने पर सिकुड़ता है, इसलिए यह अपने मूल आकार के लगभग आ जाता है। इसलिए यह प्रक्रिया उत्क्रमणीय परिवर्तन है। "}]
Q5.पराठे को बेलना और पराठे को पकाना ऐसे परिवर्तन हैं ______
उत्तर:
जिसमें बेले हुए पराठे को उत्क्रमित किया जा सकता है और सेके हुए पराठे को उत्क्रमित नहीं किया जा सकता है
व्याख्या:
[{"id": "22a72d25-e78a-4a7e-bce4-6fe2ff1a220c", "type": "html", "value": " पराठा पकाए जाने पर आटे के गुण को बदल देता है, इसलिए यह एक अनुत्क्रमणीय परिवर्तन है। बेले हुए परांठे को दोबारा गूंथ कर आटा बनाया जा सकता है, इसलिए यह उत्क्रमणीय परिवर्तन है। "}]
Q6.निम्नलिखित में से उन परिवर्तनों को पहचानिए जिन्हें उत्क्रमित नहीं किया जा सकता। (i) अंडे को उबालना (ii) रोटी पकाना (iii) कपड़े का सूखना (iv) गोबर से बायोगैस बनाना
उत्तर:
(i) (ii) (iv)
व्याख्या:
[{"id": "4bdb1bb6-bc35-48d3-95de-7e2088b81bfc", "type": "html", "value": " अंडे को उबालना, रोटी पकाना, गोबर से बायोगैस बनाना, इन परिवर्तनों को उत्क्रमित नहीं किया जा सकता हैं। "}]
Q7.निम्नलिखित में से उत्क्रमित किया जाने वाले परिवर्तन चुनें। (i) बर्फ का पानी में परिवर्तन (ii) आइसक्रीम का पिघलना (iii) गीली कमीज का सूखना (iv) दही का बनना
उत्तर:
(i) (ii) (iii)
व्याख्या:
[{"id": "77560508-8153-43df-ab45-5d30a02cf8cd", "type": "html", "value": " (i) बर्फ का पानी में परिवर्तन - पानी को फिर से जामने पर बर्फ बनती है। (ii) आइसक्रीम का पिघलना - पिघली हुई आइसक्रीम को फिर से जामने पर ठोस आइसक्रीम में बदला जा सकता है। (iii) गीली कमीज का सूखना - कमीज पानी में डालने पर पुनः गीली हो सकती है। (iv) दही का बनना - दही को दोबारा दूध में नहीं बदला जा सकता। इसलिए विकल्प 4 सही उत्तर है। "}]
Q8.निम्नलिखित में से कौन सा प्राकृतिक परिवर्तन (natural change) है?
उत्तर:
पौधों की उम्र बढ़ना
व्याख्या:
[{"id": "e2dcb92c-1f88-46bf-8575-8e69271b87ae", "type": "html", "value": " पौधों की उम्र बढ़ना एक प्राकृतिक परिवर्तन है। "}]
Samaj Ka Aadhyan: Bharat or uske aage के सभी 14 अध्याय
Social Science · Class 6