NCERTCh 14निःशुल्क

Chapter 14

🎓 Class 11📖 Bhautique Bhugol ke Mool Sidhant📖 7 नोट्स🧠 14 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~11 मिनट
Chapter 13अध्याय 14 / 14

Chapter 14अध्ययन नोट्स

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जैव-विविधता एवं संरक्षण

व्याख्या

जैव-विविधता एवं संरक्षण

इस अध्याय की शुरुआत में जैव-विविधता की अवधारणा और पृथ्वी पर जीवन के विकास की प्रक्रिया को समझाया गया है। पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति लगभग 2.5 से 3.5 अरब वर्ष पहले हुई थी, जब सबसे पहले सूक्ष्म जीवों का विकास हुआ। आज की जैव-विविधता उस विकास के लाखों वर्षों का परिणाम है। मानव जीवन के प्रारंभ होने से पहले पृथ्वी पर जैव-विविधता अधिक समृद्ध थी, लेकिन मानव गतिविधियों के कारण इसमें कमी आई है। जैव-विविधता का अर्थ है किसी निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में पाए जाने वाले जीवों की संख्या और उनकी विविधता। यह पौधों, प्राणियों और सूक्ष्मजीवों की आनुवंशिक तथा पारिस्थितिक विविधता को सम्मिलित करता है। जैव-विविधता को तीन स्तरों पर समझा जा सकता है: आनुवांशिक विविधता, प्रजातीय विविधता, और पारितंत्रीय विविधता। आनुवांशिक विविधता किसी प्रजाति के भीतर जीनों की विविधता को दर्शाती है, जो विकास और अनुकूलन के लिए आवश्यक है। प्रजातीय विविधता किसी क्षेत्र में प्रजातियों की संख्या और प्रकार को दर्शाती है। पारितंत्रीय विविधता विभिन्न पारितंत्रों की विविधता को दर्शाती है, जिसमें जीवों और उनके पर्यावरण के बीच जटिल संबंध शामिल हैं। जैव-विविधता का अध्ययन हमें यह समझने में मदद करता है कि जीवन कैसे विकसित हुआ और पृथ्वी पर जीवन के विभिन्न रूप कैसे सह-अस्तित्व में हैं।

  • पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत लगभग 3.5 अरब वर्ष पहले हुई।
  • जैव-विविधता में पौधे, प्राणी और सूक्ष्मजीव शामिल हैं।
  • जैव-विविधता को तीन स्तरों पर वर्गीकृत किया जाता है: आनुवांशिक, प्रजातीय और पारितंत्रीय।
  • मानव गतिविधियों के कारण जैव-विविधता में कमी आई है।
  • जैव-विविधता सतत विकास का आधार है।
  • 📌 जैव-विविधता: किसी क्षेत्र में जीवों की संख्या और विविधता।
  • 📌 आनुवांशिक विविधता: किसी प्रजाति के भीतर जीनों की विविधता।
  • 📌 प्रजातीय विविधता: किसी क्षेत्र में प्रजातियों की संख्या और प्रकार।

जैव-विविधता का महत्व

व्याख्या

जैव-विविधता का महत्व

जैव-विविधता का मानव जीवन और पृथ्वी के पारिस्थितिक तंत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। इसका महत्व तीन मुख्य दृष्टिकोणों से समझा जा सकता है: पारिस्थितिकीय, आर्थिक और वैज्ञानिक। पारिस्थितिकीय दृष्टिकोण से, जैव-विविधता पारितंत्रों को स्थिर और संतुलित बनाए रखने में सहायक होती है। विभिन्न प्रजातियाँ ऊर्जा ग्रहण, कार्बनिक पदार्थों का निर्माण और विघटन, जल और पोषक तत्वों के चक्र को बनाए रखने में योगदान देती हैं। अधिक जैव-विविधता वाले पारितंत्र पर्यावरणीय बदलावों को सहन करने में सक्षम होते हैं। आर्थिक दृष्टिकोण से, जैव-विविधता मानव जीवन के लिए भोजन, औषधि, ईंधन, वस्त्र और अन्य आवश्यक वस्तुएं प्रदान करती है। कृषि जैव-विविधता, जैसे फसलों की विविधता, मानव के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करती है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, जैव-विविधता जीवन के विकास, पारितंत्र की कार्यप्रणाली और भविष्य के लिए अनुसंधान का स्रोत है। प्रत्येक प्रजाति जीवन के रहस्यों को समझने में मदद करती है। इसलिए, जैव-विविधता का संरक्षण मानवता की नैतिक जिम्मेदारी भी है।

  • पारितंत्रों की स्थिरता और संतुलन में जैव-विविधता का योगदान।
  • जैव-विविधता से मानव को भोजन, औषधि, ईंधन और वस्त्र प्राप्त होते हैं।
  • अधिक विविधता वाले पारितंत्र पर्यावरणीय बदलावों को सहन कर सकते हैं।
  • वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए जैव-विविधता महत्वपूर्ण है।
  • जैव-विविधता का संरक्षण नैतिक जिम्मेदारी है।
  • 📌 पारितंत्र: जीवों और उनके पर्यावरण का एक जटिल तंत्र।
  • 📌 कृषि जैव-विविधता: फसलों और पशुधन की विविधता।
  • 📌 संकटापन्न प्रजातियाँ: वे प्रजातियाँ जो विलुप्त होने के खतरे में हैं।

जैव-विविधता का ह्रास

व्याख्या

जैव-विविधता का ह्रास

पिछले कुछ दशकों में मानव जनसंख्या वृद्धि और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण जैव-विविधता में तेज़ी से कमी आई है। वनों की कटाई, आवास विनाश, प्रदूषण, अति दोहन, और अवैध शिकार जैव-विविधता के ह्रास के प्रमुख कारण हैं। उष्णकटिबंधीय वर्षा वनों में

अभ्यास प्रश्नChapter 14

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.पृथ्वी पर एक जीव दूसरे जीव से इतने अधिक घुल मिल जाते हैं कि एक के बिना दूसरे की कल्पना नहीं की जा सकती, यह क्या कहलता है?
A.खाद्य जाल
B.खाद्य श्रृंखला
C.पारिस्थितिकी
D.बायोम

उत्तर:

पारिस्थितिकी

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Q2.निम्नलिखित में से कौन-सा बायोम के प्रकार नहीं है?
A.सुन्दरी बायोम
B.मरुस्थलीय बायोम
C.जलीय बायोम
D.वन बायोम

उत्तर:

सुन्दरी बायोम

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Q3.पारिस्थितिकी का संबंध किससे है?
A.वितरण
B.विकास
C.जीवधारियों के जन्म
D.उपर्युक्त सभी

उत्तर:

उपर्युक्त सभी

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Q4.निम्नलिखितमें से कौन-सा जैविक कारको में शामिल हैं?
A.उत्पादक
B.उपभोक्ता
C.अपघटक
D.उपरोक्त सभी

उत्तर:

उपरोक्त सभी

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Q5.बायोम किस का समुदाय है?
A.अजैब पदार्थों का
B.पौधों व प्रणियों का
C.उपभोक्ता का
D.उपरोक्त में से कोई नहीं

उत्तर:

पौधों व प्रणियों का

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Q6.जीवोम क्‍या है?
A.जैविक उद्यान
B.पृथ्वी का स्थलीय परितंत्र
C.प्रथ्वी के महासागर
D.वानस्पतिक उद्यान

उत्तर:

पृथ्वी का स्थलीय परितंत्र

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Q7.परितंत्र मुख्यतः कौन से दो प्रकार के हैं?
A.क्षेत्रीय व संसारिक परितंत्र
B.जैविक व अजैबिक परितंत्र
C.स्थलीय व जलीय पितंत्र
D.उपर्युक्त में से कोई भी नहीं

उत्तर:

स्थलीय व जलीय पितंत्र

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Q8.निम्नलिखित में से प्रथम श्रेणी के उपभोक्ता कौन से है?
A.शाकाहारी जीव
B.मांसाहारी जीव
C.अपघटक
D.उपरोक्त सभी

उत्तर:

शाकाहारी जीव

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