Chapter 12
Chapter 12 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
खाद्य संसाधनों में सुधार
व्याख्याखाद्य संसाधनों में सुधार
हम सभी जीवधारियों के लिए भोजन आवश्यक है क्योंकि भोजन से हमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन तथा खनिज लवण प्राप्त होते हैं, जो हमारे विकास, वृद्धि और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। हमारे भोजन के मुख्य स्रोत पौधे और जंतु हैं, जिनसे हमें कृषि और पशुपालन के माध्यम से खाद्य पदार्थ मिलते हैं। भारत की जनसंख्या एक अरब से अधिक है और लगातार बढ़ रही है, जिसके कारण खाद्य उत्पादन बढ़ाना आवश्यक हो गया है। हालांकि कृषि के लिए भूमि सीमित है, इसलिए हमें फसल और पशुधन उत्पादन की क्षमता बढ़ानी होगी। हरित क्रांति और श्वेत क्रांति के माध्यम से हमने फसल और दूध उत्पादन में वृद्धि की है, लेकिन इन प्रयासों से प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ा है, जिससे पर्यावरण संतुलन बिगड़ने का खतरा है। अतः हमें पर्यावरण के अनुकूल और सतत कृषि प्रणालियाँ अपनानी होंगी। केवल उत्पादन बढ़ाने से भूख और कुपोषण की समस्या का समाधान नहीं होगा, क्योंकि खाद्य सुरक्षा उत्पादन के साथ-साथ उपलब्धता और लोगों की आय पर भी निर्भर करती है। इसलिए मिश्रित खेती, अंतरा फसलीकरण, पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन जैसे संपूर्ण जीवनयापन प्रणालियाँ अपनानी चाहिए। इस अध्याय में हम फसल और पशुधन उत्पादन को बढ़ाने के वैज्ञानिक और तकनीकी उपायों को विस्तार से समझेंगे।
- खाद्य पदार्थों से प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन और खनिज लवण प्राप्त होते हैं।
- भारत की जनसंख्या बढ़ रही है, इसलिए खाद्य उत्पादन बढ़ाना आवश्यक है।
- कृषि भूमि सीमित होने के कारण उत्पादन क्षमता बढ़ानी होगी।
- हरित और श्वेत क्रांतियों से उत्पादन बढ़ा लेकिन पर्यावरण पर दबाव भी बढ़ा।
- खाद्य सुरक्षा उत्पादन के साथ-साथ उपलब्धता और आय पर निर्भर करती है।
- मिश्रित खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन आदि से संपूर्ण जीवनयापन संभव है।
- 📌 खाद्य सुरक्षा: खाद्य पदार्थों की उपलब्धता और लोगों की पहुँच।
- 📌 हरित क्रांति: कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए उच्च उपज वाली फसलों का विकास।
- 📌 श्वेत क्रांति: दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए पशुपालन में सुधार।
12.1 फसल उत्पादन में उन्नति
व्याख्या12.1 फसल उत्पादन में उन्नति
फसल हमारे लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत हैं, जिनसे हमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा प्राप्त होते हैं। अनाज जैसे गेहूँ, चावल, मक्का, बाजरा और ज्वार से कार्बोहाइड्रेट मिलता है। दालें जैसे चना, मटर, उड़द, मूँग, अरहर, मसूर से प्रोटीन मिलता है। तेल वाले बीज जैसे सोयाबीन, मूँगफली, तिल, अरंड, सरसों, अलसी और सूरजमुखी से आवश्यक वसा प्राप्त होती है। सब्जियाँ, मसाले और फल विटामिन, खनिज लवण तथा कुछ मात्रा में प्रोटीन, वसा और कार्बोहाइड्रेट प्रदान करते हैं। पशुधन के लिए चारा फसलें जैसे वसीम, जई या सूडान घास उगाई जाती हैं। फसलों की वृद्धि के लिए जलवायु, तापमान और दीप्तिकाल (सूर्य प्रकाश की अवधि) महत्वपूर्ण हैं। खरीफ फसलें (जून से अक्टूबर) जैसे धान, मक्का, सोयाबीन, अरहर, मूँग, उड़द और रबी फसलें (नवंबर से अप्रैल) जैसे गेहूँ, चना, मटर, सरसों, अलसी उगाई जाती हैं। भारत में 1952 से 2010 तक कृषि भूमि में 25% वृद्धि हुई जबकि अन्न उत्पादन चार गुना बढ़ा। यह वृद्धि बीज चयन, फसल प्रबंधन और फसल सुरक्षा के कारण संभव हुई। फसल उत्पादन में सुधार के तीन मुख्य पहलू हैं: फसल की किस्मों में सुधार, फसल उत्पादन प्रबंधन, और फसल सुरक्षा प्रबंधन।
- फसलों से हमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन और खनिज मिलते हैं।
- खरीफ और रबी फसलें जलवायु और प्रकाश अवधि पर निर्भर करती हैं।
- 1952-2010 तक कृषि भूमि में 25% वृद्धि और अन्न उत्पादन में चार गुना वृद्धि हुई।
- फसल उत्पादन में सुधार के तीन मुख्य क्षेत्र हैं: किस्म सुधार, उत्पादन प्रबंधन, सुरक्षा।
- चारा फसलों का उपयोग पशुधन के लिए किया जाता है।
- 📌 खरीफ फसलें: वर्षा ऋतु में उगने वाली फसलें।
- 📌 रबी फसलें: शीत ऋतु में उगने वाली फसलें।
- 📌 दीप्तिकाल: सूर्य प्रकाश की अवधि जो पौधों की वृद्धि को प्रभावित करती है।
12.1.1 फसल की किस्मों में सुधार
व्याख्या12.1.1 फसल की किस्मों में सुधार
फसल की किस्मों में सुधार का उद्देश्य उच्च उत्पादन, रोग प्रतिरोधक क्षमता, उर्वरक अनुरूपता, गुणवत्ता और पर्यावरणीय अनुकूलता वाली फसलें विकसित करना है। इसके लिए प्रजनन द्वारा विभिन्न उपयोगी गुणों का चयन किया जाता है। संकरण विधि में विभिन्न आनुवंशिक गुणो
अभ्यास प्रश्न — Chapter 12
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.अवोगाद्रो स्थिरांक का मान ___________ है।
उत्तर:
6.022 × 10²³
व्याख्या:
[{"id": "335a9b6e-df66-4453-99c3-628380177242", "type": "html", "value": " अवोगाद्रो स्थिरांक का मान 6.022 × 10²³ है। "}]
Q2.32g He में मोलों की संख्या _________ होती है।
उत्तर:
8
व्याख्या:
[{"id": "8665b1b8-a03b-434a-8f76-7f697aa1b763", "type": "html", "value": " मोलों की संख्या = दिया गया द्रव्यमान/मोलर द्रव्यमान = 32/4 = 8 "}]
Q3.यदि 12g कार्बन में x परमाणु हैं, तो 12g मैग्नीशियम में परमाणुओं की संख्या _________ होगी।
उत्तर:
ˣ⁄₂
व्याख्या:
[{"id": "5c6dfd32-0ae5-46cc-9dc0-f9602a1d6430", "type": "html", "value": " परमाणुओं की संख्या = दिया गया द्रव्यमान/मोलर द्रव्यमान × अवोगाद्रो संख्या कार्बन के लिए x = ¹²⁄₁₂ × अवोगाद्रो संख्या = 1 × अवोगाद्रो संख्या मैग्नीशियम के लिए, परमाणुओं की संख्या = ¹²⁄₂₄× अवोगाद्रो संख्या = ½ × अवोगाद्रो संख्या = x/2 "}]
Q4.NaCl का आणविक द्रव्यमान _____ है।
उत्तर:
58.5 u
व्याख्या:
[{"id": "8da805ad-ddb8-4cb7-bab6-3e75109b92d1", "type": "html", "value": " सोडियम का आणविक द्रव्यमान = 23 u क्लोरीन का आणविक द्रव्यमान = 35.5 u 1 मोल का कुल द्रव्यमान = 23 +35.5 = 58.5 u "}]
Q5.Na परमाणुओं के 2 मोल में परमाणुओं की संख्या कितनी होती है?
उत्तर:
12.044 × 10²³ परमाणु
व्याख्या:
[{"id": "46322cd9-18b7-48c9-9f2d-18457b3bffcc", "type": "html", "value": " 1 मोल में कणों की संख्या = 6.022 × 10²³ 2 मोल में कणों की संख्या = 2 × 6.022 × 10²³ =12.044 × 10²³ परमाणु "}]
Q6.अवधारणा - पशुपालन भारत का समुद्री मछली संसाधन क्षेत्र निम्न में से कितने किलोमीटर समुद्री तट तक है?
उत्तर:
7500 किलोमीटर
Q7.अवधारणा - पशुपालन मधुमक्खी पालन निम्न में से क्या प्राप्त के करने के लिए किया जाता है?
उत्तर:
मधु तथा मोम
Q8.अवधारणा - पशुपालन सामान्य भारतीय मक्खी का वैज्ञानिक नाम निम्न में से क्या है?
उत्तर:
ऐपिस सेरेना इंडिका