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Chapter 11

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Chapter 11अध्ययन नोट्स

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विश्व की जलवायु एवं जलवायु परिवर्तन

व्याख्या

विश्व की जलवायु एवं जलवायु परिवर्तन

विश्व की जलवायु का अध्ययन जलवायु संबंधी आंकड़ों एवं जानकारियों को संगठित करके किया जाता है। जलवायु (Climate) किसी स्थान विशेष की दीर्घकालीन मौसम की दशाओं का औसत होता है, जो सामान्यतः 30 वर्षों के मौसम के आँकड़ों के विश्लेषण से प्राप्त होता है। जलवायु का अध्ययन करने के लिए जलवायु संबंधी आंकड़ों को छोटे-छोटे इकाइयों में विभाजित कर उनका संश्लेषण किया जाता है। जलवायु के वर्गीकरण के तीन प्रमुख उपगम हैं: आनुभविक, जननिक और अनुप्रयुक्त। आनुभविक वर्गीकरण तापमान और वर्षा जैसे प्रेक्षित आँकड़ों पर आधारित होता है, जबकि जननिक वर्गीकरण जलवायु के कारणों के आधार पर होता है। अनुप्रयुक्त वर्गीकरण किसी विशिष्ट उद्देश्य के लिए किया जाता है। विश्व की जलवायु को समझने के लिए कोपेन की आनुभविक वर्गीकरण पद्धति का व्यापक उपयोग होता है, जो तापमान और वर्षा के आंकड़ों के आधार पर जलवायु समूहों का निर्धारण करती है। **Table on page 1 (6×2)** | समूह | लक्षण | | --- | --- | | A. उष्णकटिबंधीय | सभी महीनों का औसत तापमान 18° सेल्सियस से अधिक। | | B. शुष्क जलवायु | वर्षण की तुलना में विभव वाष्पीकरण की अधिकता। | | C. कोष्ण शीतोष्ण | सर्वाधिक ठंडे महीने का औसत तापमान 3° सेल्सियस से अधिक किन्तु 18° सेल्सियस से कम मध्य अक्षांशीय जलवायु। | | D. शीतल हिम-वन जलवायु | वर्ष के सर्वाधिक ठंडे महीने का औसत तापमान शून्य अंश तापमान से 3° नीचे। | | E. शीत | सभी महीनों का औसत तापमान 10° सेल्सियस से कम। |

  • जलवायु किसी स्थान की दीर्घकालीन मौसम की दशाओं का औसत है।
  • जलवायु का अध्ययन आंकड़ों के संग्रहण और विश्लेषण से होता है।
  • जलवायु वर्गीकरण के तीन उपगम: आनुभविक, जननिक और अनुप्रयुक्त।
  • कोपेन की पद्धति तापमान और वर्षा के आधार पर जलवायु वर्गीकरण करती है।
  • जलवायु अध्ययन से विभिन्न क्षेत्र की जलवायु विशेषताओं को समझा जा सकता है।
  • 📌 जलवायु: किसी क्षेत्र की दीर्घकालीन मौसम की औसत दशा।
  • 📌 आनुभविक वर्गीकरण: प्रेक्षित तापमान एवं वर्षा आँकड़ों पर आधारित वर्गीकरण।
  • 📌 जननिक वर्गीकरण: जलवायु के कारणों के आधार पर वर्गीकरण।

कोपेन की जलवायु वर्गीकरण की पद्धति

व्याख्या

कोपेन की जलवायु वर्गीकरण की पद्धति

कोपेन की जलवायु वर्गीकरण पद्धति विश्व में सबसे व्यापक और प्रचलित आनुभविक पद्धति है। कोपेन ने वनस्पति के वितरण और जलवायु के बीच घनिष्ठ संबंध स्थापित किया। उन्होंने तापमान और वर्षा के निश्चित मानों का चयन किया और उनका वनस्पति वितरण से सम्बन्ध जोड़ा। इस पद्धति में वार्षिक और मासिक तापमान तथा वर्षा के औसत आंकड़ों का उपयोग किया जाता है। कोपेन ने पाँच प्रमुख जलवायु समूह निर्धारित किए हैं: A (उष्णकटिबंधीय), B (शुष्क), C (कोष्ण शीतोष्ण), D (शीतल हिम-वन), और E (शीत)। इन समूहों को बड़े अक्षरों द्वारा निरूपित किया जाता है। प्रत्येक समूह को उपसमूहों में विभाजित किया गया है, जिनके लिए छोटे अक्षरों का प्रयोग होता है। जैसे A समूह के अंतर्गत Af, Am, Aw उपसमूह आते हैं। इस वर्गीकरण में वर्षा और तापमान की मौसमी विशेषताओं को दर्शाने के लिए छोटे अक्षरों का प्रयोग किया जाता है, जैसे f (कोई शुष्क ऋतु नहीं), m (मानसून), w (शुष्क शीत ऋतु), s (शुष्क ग्रीष्म ऋतु)। **Table on page 2 (2×4)** | समूह | प्रकार | कूट अक्षर | लक्षण | | --- | --- | --- | --- | | A उष्णकटिबंधीय आर्द्र जलवायु | उष्णकटिबंधीय आर्द्र उष्णकटिबंधीय मानसून उष्णकटिबंधीय आर्द्र एवं शुष्क | Af

  • कोपेन की पद्धति आनुभविक वर्गीकरण की सबसे लोकप्रिय पद्धति है।
  • तापमान और वर्षा के वार्षिक एवं मासिक औसत आँकड़ों पर आधारित है।
  • पाँच प्रमुख जलवायु समूह: A, B, C, D, E।
  • प्रत्येक समूह को छोटे अक्षरों से उपसमूहों में विभाजित किया गया।
  • वर्षा के मौसमी पैटर्न को f, m, w, s अक्षरों से दर्शाया जाता है।
  • 📌 Af: उष्णकटिबंधीय आर्द्र जलवायु, जहाँ कोई शुष्क ऋतु नहीं होती।
  • 📌 Am: उष्णकटिबंधीय मानसून जलवायु, जिसमें मानसूनी वर्षा होती है।
  • 📌 Aw: उष्णकटिबंधीय आर्द्र एवं शुष्क जलवायु, जिसमें शीत ऋतु शुष्क होती है।

समूह A उष्णकटिबंधीय जलवायु

व्याख्या

समूह A उष्णकटिबंधीय जलवायु

समूह A की जलवायु उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में पाई जाती है, जहाँ सभी महीनों का औसत तापमान 18° सेल्सियस से अधिक होता है। यह जलवायु मुख्यतः कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच पाई जाती है। इस समूह के तीन उपप्रकार हैं: (i) उष्णकटिबंधीय आर्द्र जलवायु (Af), (ii) उष्ण

अभ्यास प्रश्नChapter 11

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.खनिज के चिकनी समतल तथा कमजोर सतह को क्‍या कहते हैं?
A.विदलन विहीन
B.विभंग
C.विभंजन
D.विदलन तल

उत्तर:

विदलन तल

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Q2.चूने पत्थर में परिवर्तन के उपरान्त कौन से रूपांतरित चट्टान बनता है?
A.खडिया मिट्टी
B.संगमरमर
C.शिष्ट
D.स्लेट

उत्तर:

संगमरमर

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Q3.पेट्रोलॉजी निम्नलिखित में से किसका अध्ययन करता है?
A.खनिज की संरचना बनावट व गठन
B.टेक्नोलॉजी
C.पेट्रोलियम और नेचुरल गैस
D.मृदा के प्रकार

उत्तर:

खनिज की संरचना बनावट व गठन

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Q4.का्यांतरण की प्रक्रिया में शैलों के कुछ कण या खनिज सतहों या रेखाओं के रूप में व्यवस्थित हो जातेहैं। कायांतरित शैलों में खनिज अथवा कणों की इस व्यवस्था को क्‍या कहते हैं?
A.व्यवस्थापन
B.कार्यान्वयन
C.निराकरण
D.पत्रण या रेखांकन

उत्तर:

पत्रण या रेखांकन

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Q5.निम्नलिखित में से कौन-सा खनिज सबसे ज्यादा कठोर है?
A.हीरा
B.कैल्साइट
C.टोपाज
D.जिप्सम

उत्तर:

हीरा

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Q6.निम्नलिखित में से कौन-सा खनिज अधात्विक है?
A.लोहा
B.कोयला
C.सोना
D.तॉबा

उत्तर:

कोयला

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Q7.निम्नलिखित में से कौन-सा अवसादी शैल नहीं है?
A.अभ्रक
B.कोयला
C.चूना पत्थर
D.बहुआ पत्थर

उत्तर:

अभ्रक

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Q8.निम्नलिखत में से कौन सी आग्नेय शैल का उदाहरण नहीं है?
A.संगमरमर
B.गैब्रो
C.पेग्मैटाइट
D.ग्रेनाइट

उत्तर:

संगमरमर

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