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Chapter 10

🎓 Class 6📖 Samaj Ka Aadhyan: Bharat or uske aage📖 7 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~11 मिनट
Chapter 9अध्याय 10 / 14Chapter 11

Chapter 10अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 7 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

परिचय

व्याख्या

परिचय

मनुष्य सदियों से समाज में रह रहा है। जब बहुत से लोग एक साथ रहते हैं, तो असहमति और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए समाज में व्यवस्था और सद्भाव बनाए रखने के लिए नियम आवश्यक होते हैं। उदाहरण के लिए, आपके घर में कुछ नियम होते हैं, विद्यालय में विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए नियम होते हैं, सड़क पर यातायात नियम होते हैं, और कार्यस्थलों पर भी नियम बनाए जाते हैं। यदि कोई व्यक्ति नियमों का पालन नहीं करता, तो समाज की व्यवस्था बिगड़ जाती है। नियमों को बनाने, उनका पालन कराने और समाज में व्यवस्था बनाए रखने की प्रक्रिया को शासन कहते हैं। सरकार वे लोग या तंत्र होते हैं जो नियम बनाते हैं और उनका पालन सुनिश्चित करते हैं। नियमों और कानूनों में समय-समय पर बदलाव भी किया जा सकता है, जिसमें नागरिकों की भी भागीदारी होती है। इस अध्याय में हम शासन की प्रक्रिया, सरकार के अंग, और लोकतंत्र की अवधारणा को विस्तार से समझेंगे।

  • समाज में व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियम आवश्यक होते हैं।
  • शासन का अर्थ है नियम बनाना और उनका पालन सुनिश्चित करना।
  • सरकार नियम बनाने और लागू करने वाली संस्था है।
  • नियम और कानून समय के साथ बदल सकते हैं और इसमें नागरिक भी भाग लेते हैं।
  • 📌 शासन: समाज में नियम बनाना और उनका पालन सुनिश्चित करने की प्रक्रिया।
  • 📌 सरकार: नियम बनाने और लागू करने वाला तंत्र।
  • 📌 कानून: महत्वपूर्ण नियम जिन्हें सभी को पालन करना होता है।

सरकार के तीन अंग

व्याख्या

सरकार के तीन अंग

सरकार के तीन मुख्य अंग होते हैं: विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका। ये तीनों अंग मिलकर शासन की प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाते हैं। 1. विधायिका: यह वह अंग है जो नए कानून बनाती है, पुराने कानूनों में संशोधन करती है या उन्हें निरस्त करती है। भारत में यह कार्य जनता के प्रतिनिधियों की संसद या विधान सभा द्वारा किया जाता है। 2. कार्यपालिका: यह अंग कानूनों को लागू करता है। इसमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्रीगण और विभिन्न सरकारी एजेंसियाँ शामिल होती हैं जो कानूनों का पालन कराती हैं। उदाहरण के लिए, साइबर अपराध रोकने के लिए साइबर पुलिस कार्यपालिका का हिस्सा होती है। 3. न्यायपालिका: यह न्यायालयों की प्रणाली है जो यह निर्णय करती है कि क्या किसी ने कानून तोड़ा है और यदि हाँ, तो उसे क्या दंड दिया जाए। न्यायपालिका यह भी देखती है कि कार्यपालिका और विधायिका के निर्णय सही हैं या नहीं। इन तीनों अंगों को अलग-अलग रखा जाता है ताकि वे एक-दूसरे के कार्यों की निगरानी कर सकें और संतुलन बनाए रखें। इसे 'शक्तियों का पृथक्करण' कहा जाता है। इससे सरकार के किसी भी अंग का दुरुपयोग नहीं होता और शासन व्यवस्था ठीक से चलती है।

  • विधायिका कानून बनाती और संशोधित करती है।
  • कार्यपालिका कानूनों को लागू करती है।
  • न्यायपालिका कानूनों के पालन की निगरानी करती है और न्याय प्रदान करती है।
  • शक्तियों का पृथक्करण शासन में संतुलन बनाए रखता है।
  • 📌 विधायिका: कानून बनाने वाली संस्था।
  • 📌 कार्यपालिका: कानून लागू करने वाली संस्था।
  • 📌 न्यायपालिका: कानूनों की व्याख्या और न्याय देने वाली संस्था।

सरकार के तीन स्तर

व्याख्या

सरकार के तीन स्तर

भारत में सरकार तीन स्तरों पर कार्य करती है: स्थानीय स्तर, राज्य स्तर और राष्ट्रीय स्तर। प्रत्येक स्तर के शासन का अपना क्षेत्र और जिम्मेदारी होती है। 1. स्थानीय स्तर: यह सबसे निचला स्तर है, जो गाँव, नगर या शहर के छोटे-छोटे क्षेत्रों में शासन करता है।

अभ्यास प्रश्नChapter 10

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.1. स्वयं परखिए — लोकतंत्र का क्या अर्थ है? प्रत्यक्ष लोकतंत्र और प्रतिनिधि लोकतंत्र के बीच क्या अंतर है? 2. सरकार के तीन अंग कौन-से हैं? उनकी क्या अलग-अलग भूमिकाएँ हैं? 3. भारत के परिप्रेक्ष्य में हमें त्रिस्तरीय सरकार की आवश्यकता क्यों है? 4. परियोजना — 2019 की कोविड महामारी के दौरान लगा लॉकडाउन आपको याद होगा। उस समय उठाए गए सभी कदमों की सूची बनाइए। उस स्थिति को संभालने में सरकार के कौन-कौन से स्तर सम्मिलित थे? उसमें सरकार के प्रत्येक अंग की क्या भूमिका थी?

उत्तर:

1. लोकतंत्र का अर्थ है 'लोगों का शासन'। यह एक ऐसी शासन प्रणाली है जिसमें जनता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करती है और वे जनता के हित में शासन करते हैं। प्रत्यक्ष लोकतंत्र में जनता सीधे निर्णय लेती है, जैसे कक्षा में मतदान करना। प्रतिनिधि लोकतंत्र में जनता अपने प्रतिनिधि चुनती है जो उनके लिए निर्णय लेते हैं। 2. सरकार के तीन अंग हैं: - विधायिका: कानून बनाती है। - कार्यपालिका: कानूनों को लागू करती है और शासन चलाती है। - न्यायपालिका: कानूनों की व्याख्या करती है और न्याय प्रदान करती है। 3. भारत में त्रिस्तरीय सरकार की आवश्यकता इसलिए है क्योंकि देश बहुत बड़ा और विविध है। राष्ट्रीय स्तर पर पूरे देश के लिए नीतियाँ बनती हैं, राज्य स्तर पर राज्य की आवश्यकताओं के अनुसार निर्णय होते हैं और स्थानीय स्तर पर गाँव, शहर की समस्याओं का समाधान होता है। इससे शासन अधिक प्रभावी और जनता के करीब होता है। 4. कोविड-19 महामारी के दौरान लॉकडाउन के समय उठाए गए कदमों में शामिल थे: जनता को घरों में रहने के निर्देश, स्कूलों और कार्यालयों का बंद होना, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करना, स्वास्थ्य सेवाओं का प्रबंध, आर्थिक सहायता पैकेज आदि। इस स्थिति को संभालने में सरकार के तीनों स्तर शामिल थे - राष्ट्रीय सरकार ने नीतियाँ बनाईं, राज्य सरकारों ने स्थानीय स्तर पर लागू किया और स्थानीय सरकारों ने जनता तक सेवाएँ पहुँचाईं। विधायिका ने आवश्यक कानून बनाए, कार्यपालिका ने उन्हें लागू किया और न्यायपालिका ने कानूनों के पालन की निगरानी की।

व्याख्या:

प्रत्येक प्रश्न का उत्तर विस्तार से दिया गया है। लोकतंत्र की परिभाषा, प्रत्यक्ष और प्रतिनिधि लोकतंत्र के बीच अंतर स्पष्ट किया गया है। सरकार के तीन अंगों की भूमिका समझाई गई है। त्रिस्तरीय सरकार की आवश्यकता का कारण देश की विशालता और विविधता से जोड़ा गया है। कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान सरकार के विभिन्न स्तरों और अंगों की भूमिका का उदाहरण दिया गया है।

MediumNCERT
Q2.शासन का अर्थ क्या है? शासन की प्रक्रिया में किन-किन कार्यों को शामिल किया जाता है?

उत्तर:

शासन वह प्रक्रिया है जिसमें नियम बनाए जाते हैं, उनका पालन सुनिश्चित किया जाता है और समाज में व्यवस्था बनाए रखी जाती है। इसमें निर्णय लेना, नियम बनाना, उनका पालन कराना और सामाजिक जीवन को व्यवस्थित करना शामिल है। उदाहरण के लिए, विद्यालय में नियम बनाना और उनका पालन सुनिश्चित करना।

व्याख्या:

शासन का अर्थ है समाज में नियम बनाना और उनका पालन कराना ताकि व्यवस्था बनी रहे। यह प्रक्रिया निर्णय लेने, नियम बनाने और उन्हें लागू कराने को सम्मिलित करती है। जैसे विद्यालय के नियम जो सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए होते हैं। यदि नियमों का पालन न हो तो समाज में अव्यवस्था फैलती है।

Easy
Q3.निम्नलिखित में से कौन-सा अंग सरकार का वह हिस्सा है जो नए कानून बनाता है, पुराने कानूनों में संशोधन करता है और उन्हें निरस्त भी कर सकता है?
A.A) विधायिका
B.B) कार्यपालिका
C.C) न्यायपालिका
D.D) पुलिस विभाग

उत्तर:

विधायिका

व्याख्या:

विधायिका वह अंग है जो नए कानून बनाती है, पुराने कानूनों में संशोधन करती है और कभी-कभी उन्हें निरस्त भी करती है। कार्यपालिका कानूनों को लागू करती है और न्यायपालिका कानूनों की व्याख्या करती है। पुलिस विभाग कार्यपालिका का हिस्सा है लेकिन कानून बनाने का अधिकार नहीं रखता।

Easy
Q4.सरकार के तीन अंग कौन-कौन से हैं और प्रत्येक की मुख्य भूमिका क्या है?

उत्तर:

सरकार के तीन अंग हैं: विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका। (1) विधायिका नए कानून बनाती है और पुराने कानूनों में संशोधन करती है। (2) कार्यपालिका कानूनों को लागू करती है और शासन चलाती है। (3) न्यायपालिका यह निर्णय करती है कि कानूनों का पालन हो रहा है या नहीं और कानून तोड़ने वालों को दंडित करती है।

व्याख्या:

सरकार के तीन अंग मिलकर शासन की प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाते हैं। विधायिका कानून बनाती है, कार्यपालिका उन्हें लागू करती है और न्यायपालिका कानूनों की व्याख्या कर न्याय प्रदान करती है। ये तीनों एक-दूसरे की निगरानी भी करते हैं जिससे संतुलन बना रहता है।

Medium
Q5.नीचे दिए गए चित्र 10.3 में दिखाए गए शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत का वर्णन कीजिए। इस सिद्धांत का शासन व्यवस्था में क्या महत्व है? चित्र विवरण: चित्र 10.3 में तीन अलग-अलग खंभे दिखाए गए हैं, जिन पर क्रमशः 'विधायिका', 'कार्यपालिका' और 'न्यायपालिका' लिखा है। ये खंभे एक-दूसरे से अलग हैं, लेकिन एक साथ शासन के स्तंभों को दर्शाते हैं।

उत्तर:

शक्तियों का पृथक्करण वह सिद्धांत है जिसमें सरकार के तीन अंग — विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका — को अलग-अलग रखा जाता है ताकि वे एक-दूसरे के कार्यों की निगरानी कर सकें और संतुलन बनाए रखें। इसका महत्व यह है कि इससे किसी एक अंग का दुरुपयोग नहीं होता और शासन व्यवस्था सही ढंग से चलती है। चित्र में तीन अलग खंभे इस पृथक्करण को दर्शाते हैं।

व्याख्या:

शक्तियों का पृथक्करण शासन की एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है जो सरकार के तीन अंगों को अलग-अलग रखती है। इससे प्रत्येक अंग स्वतंत्र रूप से कार्य करता है और अन्य अंगों की निगरानी करता है। इससे शासन में संतुलन बना रहता है और दुरुपयोग की संभावना कम होती है। चित्र 10.3 में तीन खंभे इस सिद्धांत को स्पष्ट रूप से दिखाते हैं।

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Q6.नीचे दिए गए चित्र 10.4 में भारत सरकार के तीन स्तरों को दर्शाया गया है। इन तीन स्तरों का नाम बताइए और प्रत्येक स्तर की एक प्रमुख जिम्मेदारी लिखिए। चित्र विवरण: चित्र 10.4 में एक पिरामिड दिखाया गया है जिसमें सबसे नीचे स्थानीय सरकार, बीच में राज्य सरकार और सबसे ऊपर केंद्र सरकार (राष्ट्रीय स्तर) को दर्शाया गया है।

उत्तर:

भारत सरकार के तीन स्तर हैं: 1. स्थानीय स्तर - स्थानीय समस्याओं का समाधान जैसे पानी और सड़क। 2. राज्य स्तर - राज्य की पुलिस और कानून व्यवस्था। 3. राष्ट्रीय स्तर - देश की रक्षा और विदेशी मामले। चित्र में पिरामिड के आधार से ऊपर की ओर ये तीन स्तर दिखाए गए हैं।

व्याख्या:

भारत में सरकार तीन स्तरों पर कार्य करती है। स्थानीय स्तर गाँव या नगर की समस्याओं को संभालता है। राज्य स्तर पुलिस, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों को देखता है। राष्ट्रीय स्तर रक्षा, मुद्रा और विदेशी मामलों को नियंत्रित करता है। चित्र 10.4 में पिरामिड के रूप में ये तीन स्तर स्पष्ट रूप से दिखाए गए हैं।

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Q7.निम्नलिखित में से कौन-सा कार्य राष्ट्रीय स्तर की सरकार के अंतर्गत आता है?
A.A) पुलिस और कानून व्यवस्था
B.B) रक्षा और विदेशी मामले
C.C) स्थानीय सड़क निर्माण
D.D) पंचायत का प्रबंधन

उत्तर:

रक्षा और विदेशी मामले

व्याख्या:

रक्षा और विदेशी मामले राष्ट्रीय स्तर की सरकार के कार्य हैं। पुलिस और कानून व्यवस्था राज्य सरकार के अंतर्गत आते हैं। स्थानीय सड़क निर्माण और पंचायत का प्रबंधन स्थानीय सरकार के कार्य हैं।

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Q8.नीचे दिए गए तालिका में भारत सरकार के तीन अंगों के राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर किए जाने वाले कार्य दिए गए हैं। न्यायपालिका के राष्ट्रीय स्तर पर कौन-सा सर्वोच्च न्यायालय है और राज्य स्तर पर किसे कहा जाता है? तालिका विवरण: न्यायपालिका के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर 'भारत का सर्वोच्च न्यायालय' और राज्य स्तर पर 'उच्च न्यायालय' लिखा है।

उत्तर:

भारत का सर्वोच्च न्यायालय / सर्वोच्च न्यायालय / सुप्रीम कोर्ट

व्याख्या:

भारत में न्यायपालिका के राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च न्यायालय होता है जो पूरे देश में न्याय प्रदान करता है। राज्य स्तर पर उच्च न्यायालय होते हैं जो राज्य के कानूनों और मामलों का निपटारा करते हैं। यह व्यवस्था न्यायपालिका की प्रभावशाली कार्यप्रणाली को दर्शाती है।

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