Chapter 1
Chapter 1 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
हमारे आस-पास के पदार्थ
व्याख्याहमारे आस-पास के पदार्थ
हमारे चारों ओर जो भी वस्तुएँ हैं, वे विभिन्न प्रकार के पदार्थों से बनी होती हैं। पदार्थ वह है जो द्रव्यमान रखता है और स्थान घेरता है। हवा, भोजन, पत्थर, बादल, तारे, पौधे, पशु, पानी की एक बूंद या रेत का एक कण, ये सभी पदार्थ हैं। प्राचीन भारतीय दार्शनिकों ने पदार्थ को पाँच मूल तत्वों में वर्गीकृत किया जिसे पंचतत्व कहा गया: वायु, पृथ्वी, अग्नि, जल और आकाश। यूनानी दार्शनिकों ने भी इसी प्रकार पदार्थ को वर्गीकृत किया। आधुनिक विज्ञान ने पदार्थ को भौतिक गुणधर्म और रासायनिक प्रकृति के आधार पर वर्गीकृत किया है। इस अध्याय में हम पदार्थ के भौतिक स्वरूप पर ध्यान देंगे। **Table on page 12 (8×3)** | राशि | मात्रक | प्रतीक | | --- | --- | --- | | तापमान | केल्विन | K | | लंबाई | मीटर | m | | सहति | किलोग्राम | kg | | भार | न्यूटन | N | | आयतन | घन मीटर | m³ | | घनत्व | किलोग्राम प्रति घनमीटर | kg m⁻³ | | दाब | पास्कल | Pa |
- पदार्थ वह है जो द्रव्यमान रखता है और स्थान घेरता है।
- पंचतत्व: वायु, पृथ्वी, अग्नि, जल और आकाश से सभी वस्तुएँ बनी हैं।
- आधुनिक विज्ञान में पदार्थ को भौतिक और रासायनिक गुणों के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।
- हम इस अध्याय में पदार्थ के भौतिक गुणों का अध्ययन करेंगे।
- 📌 पदार्थ: वह सब कुछ जो द्रव्यमान रखता है और स्थान घेरता है।
- 📌 पंचतत्व: प्राचीन भारतीय दार्शनिकों द्वारा पदार्थ के पाँच मूल तत्व।
1.1 पदार्थ का भौतिक स्वरूप
व्याख्या1.1 पदार्थ का भौतिक स्वरूप
पदार्थ के स्वरूप को समझने के लिए दो मुख्य विचारधाराएँ थीं: एक जो पदार्थ को सतत मानती थी और दूसरी जो पदार्थ को सूक्ष्म कणों से बना मानती थी। पदार्थ के कणों की अवधारणा को समझने के लिए क्रियाकलाप 1.1 में नमक या शर्करा को पानी में घोलकर जल के स्तर में बदलाव पर ध्यान दिया गया। नमक या शर्करा पानी में घुल जाते हैं और जल का स्तर लगभग नहीं बढ़ता, जिससे यह सिद्ध होता है कि पदार्थ कणों से मिलकर बना होता है जो जल के कणों के बीच रिक्त स्थानों में समा जाते हैं। क्रियाकलाप 1.2 में पोटैशियम परमैंगनेट के घोल की लगातार तनुकृति से यह पता चलता है कि पदार्थ के कण अत्यंत सूक्ष्म होते हैं और एक क्रिस्टल में भी लाखों कण होते हैं। इस प्रकार पदार्थ के कण इतने छोटे होते हैं कि हम उन्हें सामान्य दृष्टि से देख नहीं सकते।
- पदार्थ सतत नहीं, बल्कि सूक्ष्म कणों से बना होता है।
- पदार्थ के कण जल के कणों के बीच रिक्त स्थानों में समा सकते हैं।
- पोटैशियम परमैंगनेट के घोल की तनुकृति से कणों की सूक्ष्मता सिद्ध होती है।
- एक क्रिस्टल में लाखों-करोड़ों कण होते हैं।
- 📌 कण: पदार्थ के सूक्ष्मतम भाग जो रासायनिक गुणों को बनाए रखते हैं।
- 📌 तनुकृति: किसी घोल को पतला करने की प्रक्रिया।
1.2 पदार्थ के कणों के अभिलाक्षणिक गुण
व्याख्या1.2 पदार्थ के कणों के अभिलाक्षणिक गुण
पदार्थ के कणों के तीन मुख्य गुण होते हैं: उनके बीच रिक्त स्थान, उनकी निरंतर गतिशीलता और एक-दूसरे को आकर्षित करने की क्षमता। क्रियाकलाप 1.3 में बुझी हुई अगरबत्ती की सुगंध का फैलाव और क्रियाकलाप 1.4 में स्याही और शहद के विसरण से यह स्पष्ट होता है कि पद
अभ्यास प्रश्न — Chapter 1
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.ग्रीष्मकाल में मिट्टी के घड़े में रखा जल किस संवृति के कारण शीतल हो जाता है-
उत्तर:
वाष्पीकरण (Evaporation)
व्याख्या:
[{"id": "a9bf3399-4760-45a3-b8e9-8387817436c1", "type": "html", "value": " यह वाष्पीकरण (evaporation) की प्रक्रिया के कारण है। "}]
Q2.समुद्र तल पर जल का क्वथनांक (boiling point) __________ है।
उत्तर:
373 K
व्याख्या:
[{"id": "5b842f44-e9e4-4782-a488-80c4385e25cc", "type": "html", "value": " समुद्र तल पर जल का क्वथनांक (boiling point) 373 K . है "}]
Q3.किसी भी चीज़ को द्रव्य कहने के लिए निम्नलिखित शर्तें हैं।
उत्तर:
दोनों 1 और 2
व्याख्या:
[{"id": "d38a58a2-007c-4f01-b8c9-e1ab0ba4c0a4", "type": "html", "value": " पदार्थ वह है जो स्थान घेरता है और द्रव्यमान रखता है। "}]
Q4.पदार्थ का आकार निश्चित होने के साथ-साथ निश्चित आयतन भी है। पदार्थ की अवस्था का पहचान करें।
उत्तर:
ठोस
व्याख्या:
[{"id": "5ab46202-e275-49ff-a321-88de697cbf71", "type": "html", "value": " ठोसों का निश्चित आकार, विशिष्ट सीमाएँ और निश्चित आयतन होता है। "}]
Q5.अगर पड़ोस के घर में मछली तली जा रही हो तो हम अपने ही घर में बैठकर उसे सूंघ सकते हैं। कौन सा गुण हमें इस गंध को पहचानने में सहायता करता है?
उत्तर:
विसरण (Diffusion)
व्याख्या:
[{"id": "40dc6ad1-985c-4b8e-8591-845ed42b7574", "type": "html", "value": " किसी पदार्थ का उसके कणों की गति या गति के कारण दूसरे पदार्थ के साथ मिल जाना विसरण कहलाता है। "}]
Q6.1. निम्नलिखित तापमानों को सेल्सियस इकाई में परिवर्तित करें: (a) 300 K (b) 573 K.
उत्तर:
तापमान को सेल्सियस में बदलने के लिए सूत्र है: °C = K - 273 (a) 300 K = 300 - 273 = 27 °C (b) 573 K = 573 - 273 = 300 °C
व्याख्या:
केल्विन से सेल्सियस में परिवर्तन के लिए 273 घटाएं।
Q7.2. निम्नलिखित तापमानों को केल्विन इकाई में परिवर्तित करें: (a) 25 °C (b) 373 °C.
उत्तर:
तापमान को केल्विन में बदलने के लिए सूत्र है: K = °C + 273 (a) 25 °C = 25 + 273 = 298 K (b) 373 °C = 373 + 273 = 646 K
व्याख्या:
सेल्सियस से केल्विन में परिवर्तन के लिए 273 जोड़ें।
Q8.3. निम्नलिखित अवलोकनों हेतु कारण लिखें: (a) नैफ्थलीन को रखा रहने देने पर यह समय के साथ कुछ भी ठोस पदार्थ छोड़ बिना अदृश्य हो जाती है। (b) हमें इत्र की गंध बहुत दूर बैठे हुए भी पहुँच जाती है।
उत्तर:
(a) नैफ्थलीन ठोस से सीधे गैस में परिवर्तित हो जाता है, इसे उपसरण (सबलिमेशन) कहते हैं। इसलिए यह बिना कोई ठोस पदार्थ छोड़े अदृश्य हो जाता है। (b) इत्र की गंध गैस के रूप में फैलती है। गैस के कण बहुत स्वतंत्र होते हैं और हवा के माध्यम से दूर तक फैल जाते हैं, इसलिए गंध दूर से भी महसूस होती है।
व्याख्या:
नैफ्थलीन की उपसरण और गैसों की स्वतंत्र गति के कारण ये घटनाएँ होती हैं।