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Chapter 1

🎓 Class 6📖 Samaj Ka Aadhyan: Bharat or uske aage📖 8 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~12 मिनट
अध्याय 1 / 14Chapter 2

Chapter 1अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

परिचय — सामाजिक विज्ञान क्यों?

व्याख्या

परिचय — सामाजिक विज्ञान क्यों?

सामाजिक विज्ञान मानव समाज के अध्ययन से संबंधित एक विषय है जो हमें समाज की विविधता, जटिलता और उसमें हो रहे परिवर्तनों को समझने में मदद करता है। 21वीं शताब्दी मानव सभ्यता के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि तकनीकी विकास के साथ-साथ विश्व में युद्ध, सामाजिक तनाव और पर्यावरणीय दबाव भी बढ़ रहे हैं। इस समय मानवता के सामने यह प्रश्न है कि हम किस प्रकार शांति, समरसता और पर्यावरण संरक्षण के साथ जीवन यापन करें। सामाजिक विज्ञान इन प्रश्नों के उत्तर खोजने में सहायक होता है। यह विषय वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग करता है, लेकिन मानव समाज की विविधता के कारण इसके परिणाम निश्चित नहीं होते। सामाजिक विज्ञान के अनेक उपविषय हैं जैसे भूगोल, इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, मानव विज्ञान, पुरातत्व विज्ञान, मनोविज्ञान आदि। इस पुस्तक में पाँच प्रमुख विषयों के माध्यम से सामाजिक विज्ञान का अध्ययन किया जाएगा, जो हमें भारत और विश्व के भूभाग, अतीत के चित्रपट, सांस्कृतिक विरासत, शासन और लोकतंत्र तथा आर्थिक जीवन को समझने में मदद करेंगे। सामाजिक विज्ञान सही प्रश्न पूछने की कला भी सिखाता है जिससे हम सही उत्तर खोज सकते हैं। इस प्रकार सामाजिक विज्ञान वर्तमान को समझने और बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए अतीत का निरंतर उपयोग करता है।

  • सामाजिक विज्ञान मानव समाज के अध्ययन से संबंधित है।
  • 21वीं शताब्दी में तकनीकी विकास के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय चुनौतियाँ बढ़ी हैं।
  • सामाजिक विज्ञान वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग करता है लेकिन निश्चित परिणाम नहीं देता।
  • मुख्य पांच विषय: भारत एवं विश्व, अतीत के चित्रपट, सांस्कृतिक विरासत, शासन और लोकतंत्र, आर्थिक जीवन।
  • सही प्रश्न पूछना सामाजिक विज्ञान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
  • सामाजिक विज्ञान अतीत का अध्ययन कर वर्तमान और भविष्य को समझने में मदद करता है।
  • 📌 सामाजिक विज्ञान: मानव समाज का अध्ययन करने वाला विषय।
  • 📌 विविधता: समाज में विभिन्न प्रकार के लोग और संस्कृतियाँ।
  • 📌 वैज्ञानिक विधि: तथ्यों और प्रमाणों पर आधारित अध्ययन प्रक्रिया।

विषय (क) — भारत एवं विश्व : भूभाग एवं उनके निवासी

व्याख्या

विषय (क) — भारत एवं विश्व : भूभाग एवं उनके निवासी

यह विषय हमारे आस-पास की भौगोलिक दुनिया की बुनियादी विशेषताओं से परिचित कराता है। इसमें पृथ्वी के विभिन्न भूभाग, समुद्र, पर्वत, नदियाँ आदि प्राकृतिक संरचनाएँ शामिल हैं और इन्हें मानचित्र पर दर्शाने का तरीका बताया जाता है। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इतिहास के दौरान मानव सभ्यता के विकास में भौगोलिक संरचनाओं की भूमिका रही है। भारत की प्राकृतिक अवस्थिति ने उसकी प्राचीन सभ्यता को विशिष्ट पहचान दी है। इस विषय के माध्यम से हम मानचित्रों का उपयोग, अक्षांश-देशांतर, समय क्षेत्र आदि को समझेंगे। इसके अलावा, मानचित्रों के घटक जैसे दूरी, दिशा और प्रतीक चिह्नों का अध्ययन भी किया जाएगा। मानचित्र हमें स्थानों की स्थिति, दूरी और दिशा समझने में मदद करते हैं। इस विषय में मानचित्रों के प्रकार - भौतिक, राजनैतिक और थिमैटिक मानचित्रों का परिचय भी दिया गया है। मानचित्रों का स्केल हमें वास्तविक दूरी का अनुमान लगाने में सहायता करता है।

  • भूगोलिक दुनिया की बुनियादी विशेषताएँ और मानचित्रण।
  • भूगोल ने मानव सभ्यता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • मानचित्र के प्रकार: भौतिक, राजनैतिक, थिमैटिक।
  • मानचित्र के मुख्य घटक: दूरी, दिशा, प्रतीक चिह्न।
  • स्केल से मानचित्र पर दूरी का वास्तविक मापन किया जाता है।
  • भारत की प्राकृतिक अवस्थिति ने उसकी सभ्यता को विशिष्ट बनाया।
  • 📌 भूगोल: पृथ्वी की सतह और उसमें रहने वाले जीवों का अध्ययन।
  • 📌 मानचित्र: किसी क्षेत्र का प्रतीकात्मक चित्र।
  • 📌 स्केल: मानचित्र पर दूरी और वास्तविक दूरी के बीच का अनुपात।

मानचित्र और उसके घटक

व्याख्या

मानचित्र और उसके घटक

मानचित्र किसी क्षेत्र का प्रतीकात्मक चित्रण होता है जो हमें स्थानों की स्थिति, दूरी और दिशा समझने में मदद करता है। मानचित्र छोटे क्षेत्र से लेकर विश्व तक के हो सकते हैं। मानचित्रों के तीन मुख्य घटक होते हैं: दूरी, दिशा और प्रतीक चिह्न। दूरी का मापन स

अभ्यास प्रश्नChapter 1

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.1. इस पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ 10 और अध्याय 5 में चित्र 5.2 के संदर्भ में, 2.5 से.मी. = 500 कि.मी. का पैमाना लेते हुए, नर्मदा नदी के मुहाने से गंगा नदी के मुहाने तक की वास्तविक दूरी की गणना कीजिए (संकेत – मानचित्र पर अपनी माप को एक सरल संख्या में पूर्णांकित कीजिए)।

उत्तर:

इस प्रश्न में हमें मानचित्र पर नर्मदा नदी के मुहाने से गंगा नदी के मुहाने तक की दूरी मापनी है। मानचित्र का पैमाना 2.5 से.मी. = 500 कि.मी. है। मानचित्र पर मापी गई दूरी को 2.5 से.मी. के अनुपात में बदलकर वास्तविक दूरी निकाली जाएगी। उदाहरण के लिए, यदि मानचित्र पर दूरी 5 से.मी. है, तो वास्तविक दूरी = (5 / 2.5) × 500 = 2 × 500 = 1000 कि.मी. इसी प्रकार, मानचित्र पर मापी गई दूरी को 2.5 से.मी. के पैमाने से गुणा कर वास्तविक दूरी निकाली जाती है।

व्याख्या:

1. मानचित्र पर नर्मदा से गंगा के मुहाने तक दूरी मापें। 2. मापी गई दूरी को 2.5 से.मी. के पैमाने के अनुसार वास्तविक दूरी में बदलें। 3. वास्तविक दूरी = (मानचित्र पर मापी गई दूरी / 2.5) × 500 कि.मी. 4. परिणाम को सरल पूर्णांक में व्यक्त करें।

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Q2.2. जब लंदन में दोपहर 12 बजे का समय होता है, तो उसी समय भारत में सायं के 5:30 बजते हैं, क्यों?

उत्तर:

लंदन ग्रिनिच मीन टाइम (GMT) पर स्थित है, जबकि भारत का मानक समय (IST) GMT से 5 घंटे 30 मिनट आगे है। इसलिए जब लंदन में दोपहर 12 बजे होते हैं, तब भारत में समय 5:30 बजे सायं होता है। यह समय क्षेत्र के कारण होता है क्योंकि पृथ्वी के विभिन्न भागों में समय अलग-अलग होता है।

व्याख्या:

1. लंदन GMT पर है। 2. भारत GMT से 5 घंटे 30 मिनट आगे है। 3. अतः भारत में समय = लंदन का समय + 5:30 4. जब लंदन में 12:00 बजे दोपहर होते हैं, तब भारत में 17:30 (5:30 बजे सायं) होते हैं।

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Q3.3. हमें मानचित्र में प्रतीक चिह्नों और रंगों की आवश्यकता क्यों होती है?

उत्तर:

मानचित्र में प्रतीक चिह्नों और रंगों का उपयोग इसलिए किया जाता है ताकि विभिन्न वस्तुओं, स्थानों, सीमाओं और विशेषताओं को आसानी से पहचाना जा सके। ये प्रतीक और रंग मानचित्र को समझने में सरलता प्रदान करते हैं और जानकारी को संक्षिप्त एवं स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करते हैं।

व्याख्या:

1. प्रतीक चिह्न वस्तुओं और स्थानों को दर्शाते हैं। 2. रंग भौगोलिक विशेषताओं जैसे पर्वत, नदियाँ, वन आदि को दर्शाते हैं। 3. इससे मानचित्र पढ़ने में आसानी होती है। 4. जानकारी संक्षिप्त और स्पष्ट होती है।

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Q4.4. आपके घर या विद्यालय की आठ दिशाओं में क्या-क्या स्थित है? पता लगाइए।

उत्तर:

यह प्रश्न व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है। छात्र अपने घर या विद्यालय के आसपास पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम दिशाओं में स्थित वस्तुओं, स्थानों या विशेषताओं को पहचानकर लिखेंगे। उदाहरण के लिए, पूर्व में बाजार, पश्चिम में पार्क, उत्तर में मंदिर आदि।

व्याख्या:

1. छात्र अपने आस-पास की दिशाओं का निरीक्षण करें। 2. प्रत्येक दिशा में स्थित वस्तुओं या स्थानों को नोट करें। 3. आठों दिशाओं में स्थित वस्तुओं को सूचीबद्ध करें।

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Q5.5. स्थानीय समय और मानक समय के बीच क्या अंतर है? समूहों में चर्चा कीजिए और फिर प्रत्येक समूह 100–150 शब्दों तक का एक उत्तर लिखें। उत्तरों की तुलना कीजिए।

उत्तर:

स्थानीय समय वह समय होता है जो किसी विशेष स्थान के सूर्य की स्थिति के अनुसार निर्धारित किया जाता है। यह समय प्रत्येक स्थान के लिए अलग-अलग हो सकता है। मानक समय एक निश्चित क्षेत्र (समय क्षेत्र) के लिए निर्धारित किया जाता है और पूरे क्षेत्र में एक समान होता है। भारत में मानक समय IST है जो ग्रिनिच मीन टाइम से 5 घंटे 30 मिनट आगे है। स्थानीय समय और मानक समय में अंतर इसलिए होता है क्योंकि स्थानीय समय सूर्य की स्थिति पर निर्भर करता है जबकि मानक समय एक पूरे क्षेत्र के लिए निर्धारित होता है।

व्याख्या:

1. स्थानीय समय सूर्य की स्थिति पर आधारित होता है। 2. मानक समय पूरे समय क्षेत्र के लिए समान होता है। 3. स्थानीय समय प्रत्येक स्थान के लिए अलग हो सकता है। 4. मानक समय समय क्षेत्र की सीमा के अनुसार तय किया जाता है।

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Q6.6. दिल्ली और बेंगलुरु के अक्षांश क्रमश: 29° उ. और 13° उ. हैं और उनका देशांतर लगभग 77° पू. एक ही है। दोनों नगरों के बीच स्थानीय समय में कितना अंतर होगा?

उत्तर:

चूंकि दोनों शहरों का देशांतर समान है (लगभग 77° पू.), इसलिए स्थानीय समय में कोई अंतर नहीं होगा। स्थानीय समय देशांतर के आधार पर निर्धारित होता है, इसलिए समान देशांतर वाले स्थानों का स्थानीय समय समान होता है। अक्षांश का स्थानीय समय पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। अतः दिल्ली और बेंगलुरु के बीच स्थानीय समय का अंतर 0 मिनट है।

व्याख्या:

1. स्थानीय समय देशांतर पर निर्भर करता है। 2. दोनों शहरों का देशांतर समान है (77° पू.)। 3. इसलिए स्थानीय समय समान होगा। 4. अक्षांश का स्थानीय समय पर प्रभाव नहीं होता।

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Q7.7. निम्नलिखित कथनों पर सही या गलत का चिह्न लगाइए और इसे एक या दो वाक्यों में समझाइए। → अक्षांशों के सभी समानांतरों की लंबाई समान होती है। → देशांतर के एक याम्योत्तर की लंबाई भूमध्य रेखा की आधी होती है। → दक्षिण ध्रुव का अक्षांश 90° द. है। → असम में स्थानीय समय और आई.एस.टी. (भारतीय मानक समय) एक ही है। → समय क्षेत्र को पृथक करने वाली रेखाएँ देशांतर के याम्योत्तर के समान होती हैं। → भूमध्य रेखा एक अक्षांश वृत्त भी है।

उत्तर:

→ अक्षांशों के सभी समानांतरों की लंबाई समान होती है। – गलत। अक्षांशों के समानांतरों की लंबाई अलग-अलग होती है, केवल भूमध्य रेखा सबसे लंबा होता है। → देशांतर के एक याम्योत्तर की लंबाई भूमध्य रेखा की आधी होती है। – गलत। देशांतर की लंबाई अक्षांश के अनुसार बदलती है, भूमध्य रेखा पर सबसे लंबी होती है और ध्रुवों पर शून्य। → दक्षिण ध्रुव का अक्षांश 90° द. है। – सही। दक्षिण ध्रुव का अक्षांश 90° दक्षिण है। → असम में स्थानीय समय और आई.एस.टी. (भारतीय मानक समय) एक ही है। – गलत। असम में स्थानीय समय IST से अलग होता है क्योंकि वह पूर्व में है और सूर्य जल्दी निकलता है। → समय क्षेत्र को पृथक करने वाली रेखाएँ देशांतर के याम्योत्तर के समान होती हैं। – सही। समय क्षेत्र की सीमाएँ देशांतर के याम्योत्तर के समान होती हैं। → भूमध्य रेखा एक अक्षांश वृत्त भी है। – सही। भूमध्य रेखा अक्षांश वृत्त है जो पृथ्वी को उत्तर और दक्षिण गोलार्ध में विभाजित करता है।

व्याख्या:

प्रत्येक कथन का विश्लेषण करके सही या गलत चिह्नित किया गया है और संक्षिप्त व्याख्या दी गई है।

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Q8.8. नीचे दी गई वर्ग पहेली को हल कीजिए। # बाएँ से दाएँ 1. वह समय जिसका हम भारत में अनुसरण करते हैं। 3. मानचित्र में एक वृहद क्षेत्र को लघु रूप में दिखाना 5. एक सुविधाजनक गोलाकार वस्तु 7. ये दोनों मिलकर किसी स्थान का पता लगाने में सहायक होते हैं। 9. भूमध्य रेखा से दूरी की एक माप 11. एक रेखा के लिए शब्द-संक्षेप जिसके आर-पार दिन और तिथि में परिवर्तन होता है। # ऊपर से नीचे 2. मार्ग को खोजने का सरल साधन 4. जो अक्षांश और देशांतर मिलकर बनाते हैं। 6. जो विश्व के शीर्ष पर है। 8. वह स्थान जहाँ से प्रमुख याम्योत्तर गुजरती है। 10. प्रमुख याम्योत्तर से दूरी की एक माप 12. सबसे लंबी समानांतर अक्षांश रेखा

उत्तर:

वर्ग पहेली के उत्तर: बाएँ से दाएँ: 1. भारतीय मानक समय (IST) 3. मानचित्र (Map) 5. ग्लोब (Globe) 7. अक्षांश और देशांतर (Latitude and Longitude) 9. अक्षांश (Latitude) 11. अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (International Date Line) ऊपर से नीचे: 2. नक्शा (Map) 4. निर्देशांक (Coordinates) 6. ध्रुव (Pole) 8. प्रधान याम्योत्तर (Prime Meridian) 10. देशांतर (Longitude) 12. भूमध्य रेखा (Equator)

व्याख्या:

प्रत्येक संकेत के अनुसार सही शब्द पहेली में भरे गए हैं। उदाहरण के लिए, भारत में अनुसरण किया जाने वाला समय IST है, मानचित्र एक वृहद क्षेत्र को लघु रूप में दिखाता है, आदि।

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