NCERTCh 1निःशुल्क

Chapter 1

🎓 Class 10📖 Loktantrik Rajniti📖 11 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~17 मिनट
अध्याय 1 / 5Chapter 2

Chapter 1अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

परिचय

व्याख्या

परिचय

इस अध्याय में हम लोकतंत्र की उस यात्रा को आगे बढ़ाएंगे जो पिछले साल शुरू हुई थी। पिछले साल हमने यह जाना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सारी सत्ता किसी एक अंग तक सीमित नहीं होती। विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच सत्ता का विकेंद्रीकरण लोकतंत्र के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक है। इस अध्याय में हम सत्ता के बंटवारे (साझेदारी) के विभिन्न पहलुओं पर विचार करेंगे। इसके लिए बेल्जियम और श्रीलंका के उदाहरणों से शुरुआत करते हैं, जो दिखाते हैं कि विभिन्न लोकतांत्रिक व्यवस्थाएँ सत्ता के बंटवारे की मांग को किस प्रकार संभालती हैं। इन उदाहरणों से हमें यह समझने में मदद मिलेगी कि लोकतंत्र में सत्ता के बंटवारे की आवश्यकता क्यों होती है और इसके विभिन्न रूप क्या हो सकते हैं। आगामी अध्यायों में हम सत्ता के बंटवारे के और भी रूपों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। **Table on page 11 (4×5)** | (सा) | क | ख | प | च | | --- | --- | --- | --- | --- | | (रे) | क | ग | ड | च | | (गा) | क | ख | घ | छ | | (मा) | ख | ग | प | छ | **Table on page 12 (11×3)** | | सूची I | सूची II | | --- | --- | --- | | 1. | सरकार के विभिन्न अंगों के बीच सत्ता का बैंटवारा | (क) सामुदायिक सरकार | | 2. | विभिन्न स्तर की सरकारों के बीच अधिकारों का बैंटवारा | (ख) अधिकारों का वितरण | | 3. | विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच सत्ता की साझेदारी | (ग) गठबंधन सरकार | | 4. | दो या अधिक दलों के बीच सत्ता की साझेदारी | (घ) संघीय सरकार | | | 1 | 2 | 3 | 4 | | --- | --- | --- | --- | --- | | (सा) | घ | क | ख | ग | | (रे) | ख | ग | घ | क | | (गा) | ख | घ | क | ग | | (मा) | ग | घ | क | ख | **Table on page 12 (4×1)** | (क) अ सही है लेकिन ब गलत है। | | --- | | (ख) अ और ब दोनों सही हैं। | | (ग) अ और ब दोनों गलत है। | | (घ) अ गलत है लेकिन ब सही है। |

  • लोकतंत्र में सत्ता का केंद्रीकरण नहीं बल्कि विकेंद्रीकरण होता है।
  • विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच सत्ता का बंटवारा लोकतंत्र की नींव है।
  • सत्ता की साझेदारी से लोकतंत्र के कामकाज में पारदर्शिता और संतुलन आता है।
  • बेल्जियम और श्रीलंका के उदाहरण सत्ता के बंटवारे की जरूरत को समझने में सहायक हैं।
  • 📌 सत्ता की साझेदारी: सत्ता का बंटवारा या साझा करना।
  • 📌 लोकतंत्र: ऐसी शासन व्यवस्था जिसमें जनता की भागीदारी होती है।
  • 📌 विकेंद्रीकरण: सत्ता का विभिन्न अंगों या स्तरों में विभाजन।

बेल्जियम और श्रीलंका

व्याख्या

बेल्जियम और श्रीलंका

बेल्जियम और श्रीलंका के उदाहरण से हम सत्ता की साझेदारी की जरूरत और उसके प्रभावों को समझ सकते हैं। बेल्जियम एक छोटा यूरोपीय देश है, जिसकी आबादी लगभग एक करोड़ है। यहाँ दो मुख्य भाषाई समूह हैं – डच भाषी (59%) जो फ्लेमिश इलाके में रहते हैं और फ्रेंच भाषी (40%) जो वेलोनिया क्षेत्र में रहते हैं। राजधानी ब्रुसेल्स में दोनों भाषाई समूह रहते हैं, जहाँ फ्रेंच भाषी अल्पसंख्यक अधिक समृद्ध हैं जबकि डच भाषी अल्पसंख्यक के रूप में हैं। इस असंतुलन से दोनों समूहों के बीच तनाव उत्पन्न हुआ। दूसरी ओर श्रीलंका में सिंहली बहुसंख्यक (74%) और तमिल अल्पसंख्यक (18%) हैं। सिंहली बहुसंख्यकों ने सत्ता पर प्रभुत्व जमाने के लिए तमिलों की भाषा और सांस्कृतिक अधिकारों का हनन किया, जिससे तमिलों में असंतोष और संघर्ष बढ़ा। श्रीलंका में यह संघर्ष गृहयुद्ध का रूप ले चुका था। बेल्जियम ने अपने संविधान में संशोधन कर भाषा और सांस्कृतिक समूहों को समान भागीदारी दी, जिससे देश में शांति बनी रही। जबकि श्रीलंका में बहुसंख्यकवाद ने संघर्ष को जन्म दिया। यह उदाहरण स्पष्ट करते हैं कि सत्ता की साझेदारी सामाजिक विविधताओं को स्वीकार कर देश की एकता और स्थिरता के लिए आवश्यक है।

  • बेल्जियम में डच और फ्रेंच भाषी समूहों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक असमानता थी।
  • श्रीलंका में सिंहली बहुसंख्यकों ने तमिल अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन किया।
  • बेल्जियम ने संविधान में संशोधन कर सत्ता की साझेदारी की व्यवस्था बनाई।
  • श्रीलंका में बहुसंख्यकवाद ने गृहयुद्ध को जन्म दिया।
  • सत्ता की साझेदारी से सामाजिक तनाव कम होते हैं और लोकतंत्र मजबूत होता है।
  • 📌 बहुसंख्यकवाद: बहुसंख्यक समुदाय द्वारा अल्पसंख्यकों के अधिकारों की अवहेलना।
  • 📌 संघीय व्यवस्था: सत्ता का विभिन्न स्तरों पर बंटवारा।
  • 📌 सामुदायिक सरकार: भाषा और संस्कृति के आधार पर अलग-अलग समूहों की सरकार।

श्रीलंका में बहुसंख्यकवाद

व्याख्या

श्रीलंका में बहुसंख्यकवाद

1948 में श्रीलंका स्वतंत्र हुआ। सिंहली बहुसंख्यक समुदाय ने सत्ता पर अपना प्रभुत्व जमाने के लिए कई कदम उठाए। 1956 में सिंहली को एकमात्र राजभाषा घोषित किया गया, तमिलों की भाषा को दरकिनार किया गया। सरकारी नौकरियों और विश्वविद्यालयों में सिंहलियों को प्र

अभ्यास प्रश्नChapter 1

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.निम्न में से कौन ऊर्जा के परम स्रोत है?
A.पानी
B.सूर्य
C.जीवाश्म ईंधन
D.यूरेनियम

उत्तर:

सूर्य

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Q2.निम्नलिखित में से कौन सी गैस प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक है?
A.मीथेन
B.ईथेन
C.प्रोपेन
D.ब्यूटेन

उत्तर:

मीथेन

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Q3.सौर सेल में किस तत्व का उपयोग किया जाता है?
A.कार्बन
B.सिलिकॉन
C.फॉस्फोरस
D.सल्फर

उत्तर:

सिलिकॉन

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Q4.महासागर थर्मल ऊर्जा _____ के कारण उत्पन्न होती है
A.महासागर में विभिन्न स्तरों पर दबाव अंतर।
B.महासागर में विभिन्न स्तरों पर तापमान का अंतर।
C.समुद्र में तरंगों द्वारा संग्रहित ऊर्जा।
D.समुद्र से बाहर की ओर उठता है।

उत्तर:

महासागर में विभिन्न स्तरों पर तापमान का अंतर।

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Q5.एक उपकरण जिसमें नियंत्रित परमाणु विखंडन प्रतिक्रिया की प्रक्रिया द्वारा बिजली का उत्पादन किया जाता है
A.परमाणु श्रृंखला प्रतिक्रिया
B.हाइडल पावर प्लांट
C.परमाणु रिएक्टर
D.थर्मल पावर प्लांट

उत्तर:

परमाणु रिएक्टर

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Q6.परमाणु ऊर्जा के दोहन में एक बड़ी समस्या ______ है।
A.परमाणु ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करना।
B.प्रतिक्रिया को बनाए रखना।
C.नाभिक को विभाजित करना।
D.खर्च किए गए ईंधन को आसानी से निपटाना।

उत्तर:

खर्च किए गए ईंधन को आसानी से निपटाना।

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Q7.स्पेंट स्लरी (बायोगैस प्राप्त करने के बाद जैव अपशिष्ट) का उपयोग ______ के रूप में किया जाता है।
A.ईंधन
B.खाद
C.पशुओं के लिए भोजन
D.बायोगैस बनाने के लिए फिर से उपयोग किया जाता है

उत्तर:

खाद

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Q8.एक अच्छा ईंधन होना चाहिए
A.उच्च प्रज्वलन तापमान
B.मध्यम प्रज्वलन तापमान
C.उच्च कैलोरी मान
D.उच्च कैलोरी मान और मध्यम प्रज्वलन तापमान दोनों

उत्तर:

उच्च कैलोरी मान और मध्यम प्रज्वलन तापमान दोनों

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